इंडियन ओवरसीज बैंक ने लॉन्च किया ऑनलाइन डेथ क्लेम सेटलमेंट पोर्टल, अब 15 दिनों में होगा निपटान
इंडियन ओवरसीज बैंक ने लॉन्च किया ऑनलाइन डेथ क्लेम सेटलमेंट पोर्टल, अब 15 दिनों में होगा निपटान

इंडियन ओवरसीज बैंक ने लॉन्च किया ऑनलाइन डेथ क्लेम सेटलमेंट पोर्टल, अब 15 दिनों में होगा निपटान

भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक Indian Overseas Bank ने ग्राहकों के परिवारों और कानूनी उत्तराधिकारियों को राहत देने की दिशा में एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। बैंक ने हाल ही में ऑनलाइन डेथ क्लेम सेटलमेंट पोर्टल लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील परिस्थितियों में सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवा प्रदान करना है। यह पहल न केवल बैंक के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विज़न को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाओं को कैसे जोड़ा जा सकता है।

आज के डिजिटल युग में जहां बैंकिंग सेवाएं तेज़ी से ऑनलाइन हो रही हैं, वहीं मृत्यु दावा निपटान जैसी प्रक्रियाएं अब तक जटिल और समय लेने वाली मानी जाती थीं। परिजनों को बार-बार शाखाओं के चक्कर लगाने पड़ते थे, कई दस्तावेज़ जमा करने होते थे और महीनों तक प्रक्रिया पूरी होने का इंतज़ार करना पड़ता था। IOB का यह नया पोर्टल इन सभी परेशानियों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है।


ऑनलाइन डेथ क्लेम सेटलमेंट पोर्टल क्या है?

यह पोर्टल एक सुरक्षित और एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां दावेदार पूरी क्लेम प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू कर सकते हैं और उसे पूरा भी कर सकते हैं। इसका डिज़ाइन इस तरह किया गया है कि सामान्य उपयोगकर्ता भी आसानी से इसे समझ और इस्तेमाल कर सके।

मुख्य सुविधाएं इस प्रकार हैं:

  • दावेदार की व्यक्तिगत जानकारी का ऑनलाइन सबमिशन

  • दिवंगत खाताधारक के खाते से जुड़ा विवरण दर्ज करने की सुविधा

  • सभी आवश्यक दस्तावेज़ों को सीधे अपलोड करने का विकल्प

  • आवेदन की स्थिति की रियल-टाइम ट्रैकिंग

  • सुरक्षित और पारदर्शी प्रोसेसिंग सिस्टम

अब परिवारों को बैंक शाखाओं में लंबी कतारों में खड़े होने या बार-बार पूछताछ करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। पूरी प्रक्रिया घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से पूरी की जा सकती है।


₹15 लाख तक के दावों के लिए सरल और तेज़ प्रक्रिया

IOB ने विशेष रूप से शोकग्रस्त परिवारों की कठिनाइयों को समझते हुए ₹15 लाख तक के दावों के लिए एक सरलीकृत व्यवस्था लागू की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक सहायता समय पर और बिना अनावश्यक अड़चनों के मिले।

इसके प्रमुख लाभ हैं:

  • किसी तीसरे पक्ष की जमानत (Surety) की आवश्यकता नहीं

  • दस्तावेज़ों की कम औपचारिकता

  • तेज़ स्वीकृति और प्रोसेसिंग

  • अधिकतम 15 दिनों में निपटान की गारंटी

बैंक ने स्पष्ट किया है कि सभी पात्र दावों का निपटान तय समय-सीमा के भीतर किया जाएगा, जिससे परिवारों को वित्तीय अनिश्चितता से राहत मिलेगी।


रियल-टाइम ट्रैकिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता

इस पोर्टल की सबसे खास विशेषता इसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग प्रणाली है। दावेदार किसी भी समय यह देख सकते हैं कि उनका आवेदन किस चरण में है।

इसके माध्यम से वे:

  • हर अपडेट डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकते हैं

  • प्रोसेस में देरी या अटकाव से बच सकते हैं

  • बार-बार बैंक से संपर्क करने की आवश्यकता से मुक्त हो सकते हैं

यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ाती है, बल्कि ग्राहकों के भरोसे को भी मज़बूत करती है।


नई कॉर्पोरेट वेबसाइट का भी हुआ शुभारंभ

डेथ क्लेम पोर्टल के साथ-साथ IOB ने अपनी नई कॉर्पोरेट वेबसाइट भी लॉन्च की है, जो आधुनिक Liferay Digital Experience Platform (DXP) पर आधारित है। यह वेबसाइट बैंक की डिजिटल सेवाओं को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाती है।

नई वेबसाइट की प्रमुख खूबियां हैं:

  • आधुनिक और आकर्षक डिज़ाइन

  • पर्सनलाइज़्ड यूज़र एक्सपीरियंस

  • आसान नेविगेशन

  • बेहतर डिजिटल एक्सेसिबिलिटी

इससे ग्राहकों को जानकारी ढूंढना और सेवाओं तक पहुंचना पहले से कहीं आसान हो गया है।


इस पहल का व्यापक महत्व

IOB का यह कदम केवल एक नई डिजिटल सेवा भर नहीं है, बल्कि यह बैंकिंग सेक्टर में संवेदनशीलता और तकनीक के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

  • कठिन भावनात्मक समय में प्रक्रियाओं का बोझ कम करता है

  • डिजिटल माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है

  • कार्यक्षमता और जवाबदेही में सुधार लाता है

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भरोसे को मजबूत करता है

जहां एक ओर देश डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है, वहीं ऐसी पहलें यह साबित करती हैं कि तकनीक का असली उद्देश्य लोगों के जीवन को आसान बनाना है

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