अगस्त 2025 में भारत के प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर 6.3% रहने का अनुमान
अगस्त 2025 में भारत के प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर 6.3% रहने का अनुमान

अगस्त 2025 में भारत के प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर 6.3% रहने का अनुमान

अगस्त 2025 में भारत के औद्योगिक क्षेत्र में सकारात्मक गति देखने को मिली, जहाँ आठ कोर उद्योगों (Index of Eight Core Industries – ICI) ने वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 6.3% की वृद्धि दर्ज की। यह वृद्धि पिछले एक साल में सबसे अधिक मानी जा रही है और बुनियादी ढाँचे और विनिर्माण क्षेत्रों में सकारात्मक आर्थिक संकेत प्रदान करती है। यह आँकड़े वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (DPIIT) द्वारा जारी किए गए।


आठ कोर उद्योग सूचकांक (ICI) क्या है?

आईसीआई आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन प्रदर्शन को मापता है, जिन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ माना जाता है। ये उद्योग हैं:

  1. कोयला (Coal)

  2. कच्चा तेल (Crude Oil)

  3. प्राकृतिक गैस (Natural Gas)

  4. पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद (Refinery Products)

  5. उर्वरक (Fertilizers)

  6. इस्पात (Steel)

  7. सीमेंट (Cement)

  8. बिजली (Electricity)

इन आठ उद्योगों का सम्मिलित भार 40.27% है, जो औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में शामिल होता है। इस कारण ICI में किसी भी वृद्धि या गिरावट का सीधा प्रभाव IIP और भारत के औद्योगिक आधार की सेहत पर पड़ता है।


अगस्त 2025 प्रदर्शन – मुख्य बिंदु

मजबूत प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र

इस्पात (Steel)

  • अगस्त में 14.2% की वृद्धि, सभी क्षेत्रों में सबसे अधिक।

  • अप्रैल–अगस्त 2025–26 की संचयी वृद्धि: 10.4%।

  • मांग में तेजी और नीतिगत समर्थन से उत्पादन बढ़ा।

कोयला (Coal)

  • अगस्त में 11.4% की वृद्धि।

  • संचयी वृद्धि -0.7%, यानी अस्थिर उत्पादन का संकेत।

सीमेंट (Cement)

  • अगस्त में 6.1% की वृद्धि।

  • संचयी वृद्धि 8.4%, निर्माण और रियल एस्टेट में सुधार का संकेत।

उर्वरक (Fertilizers)

  • अगस्त में 4.6% की वृद्धि।

  • संचयी उत्पादन -0.8%, असंगत प्रदर्शन।

बिजली (Electricity)

  • अगस्त में 3.1% की वृद्धि।

  • संचयी वृद्धि मात्र 0.5%, उतार-चढ़ाव का संकेत।


मध्यम प्रदर्शन

पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद

  • अगस्त में 3.0% की वृद्धि।

  • संचयी वृद्धि 0.4%, हल्का सुधार।


गिरावट वाले क्षेत्र

कच्चा तेल (Crude Oil)

  • अगस्त में -1.2% की गिरावट।

  • संचयी गिरावट -1.7%, घरेलू उत्पादन में चुनौतियाँ।

प्राकृतिक गैस (Natural Gas)

  • अगस्त में -2.2% की गिरावट।

  • संचयी गिरावट -2.5%, आपूर्ति और खोज में कमी।


सकारात्मक पहलू

  • अगस्त 2025 में ICI में 6.3% की वृद्धि पिछले 13 महीनों में सबसे अधिक रही।

  • यह मुख्यतः बुनियादी ढाँचे से जुड़े क्षेत्रों जैसे इस्पात और सीमेंट से प्रेरित है।

  • निर्माण, सड़क और रियल एस्टेट में गति आने का संकेत।


चिंताएँ

  • कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस में लगातार गिरावट, जिससे आयात पर निर्भरता बढ़ी।

  • अप्रैल–अगस्त की संचयी वृद्धि केवल 2.8%, जो औद्योगिक पुनरुद्धार के लिए पर्याप्त नहीं है।

  • ऊर्जा क्षेत्र में अस्थिरता औद्योगिक उत्पादन की निरंतरता के लिए चुनौतीपूर्ण।


आठ कोर उद्योगों का औद्योगिक महत्व

ICI भारतीय अर्थव्यवस्था के मूलभूत आधार को दर्शाता है। इन उद्योगों में परिवर्तन सीधे IIP, रोजगार, निवेश और GDP को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए:

  • रिफाइनरी उत्पाद का भार 28.04% है।

  • बिजली का भार 19.85%।

  • इस्पात का भार 17.92%।

इसके माध्यम से सरकार नीतिगत निर्णयों और निवेश रणनीतियों का मूल्यांकन करती है।


स्थायी तथ्य

  • ICI की शुरुआत 2004–05 में हुई।

  • नवीनतम आधार वर्ष 2011–12 = 100

  • IIP में ICI का योगदान 40.27% है।

  • अप्रैल 2014 से बिजली आँकड़ों में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को शामिल किया गया।

  • मासिक आँकड़े DPIIT द्वारा जारी किए जाते हैं।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply