भारत की डिजिटल अवसंरचना लगातार मज़बूत होती जा रही है और इसका सबसे बड़ा प्रमाण इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जुलाई–सितंबर 2025 (Q2 FY26) तिमाही में देश में कुल इंटरनेट ग्राहकों की संख्या में 1.49 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि दर्ज की गई है।
3 दिसंबर 2025 को जारी TRAI डेटा के मुताबिक, इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या Q1 FY26 में 1,002.85 मिलियन से बढ़कर Q2 FY26 में 1,017.81 मिलियन (लगभग 101.78 करोड़) हो गई है। यह वृद्धि न केवल डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि भारत के डिजिटल इकोसिस्टम की बढ़ती परिपक्वता का भी संकेत देती है।
कुल इंटरनेट ग्राहकों में मजबूत ग्रोथ
TRAI की रिपोर्ट से साफ है कि भारत अब दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट उपभोक्ता बाजारों में अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है। एक ही तिमाही में करीब 1.5 करोड़ नए यूजर्स का जुड़ना दर्शाता है कि इंटरनेट अब शहरी सुविधा भर नहीं, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत की भी बुनियादी ज़रूरत बनता जा रहा है।
इंटरनेट ग्राहकों की संख्या:
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Q1 FY26 (अप्रैल–जून): 1,002.85 मिलियन
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Q2 FY26 (जुलाई–सितंबर): 1,017.81 मिलियन
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तिमाही वृद्धि: 1.49%
मोबाइल इंटरनेट की बादशाहत बरकरार
भारत में इंटरनेट उपयोग का सबसे बड़ा माध्यम अब भी वायरलेस (मोबाइल) इंटरनेट ही है।
ग्राहक श्रेणियां (Q2 FY26):
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वायरलेस इंटरनेट यूजर्स: 973.39 मिलियन
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वायर्ड (Wired) इंटरनेट यूजर्स: 44.42 मिलियन
इसका मतलब है कि कुल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में करीब 95.6% हिस्सेदारी मोबाइल इंटरनेट की है। सस्ते स्मार्टफोन, किफायती डेटा प्लान और 4G-5G नेटवर्क के विस्तार ने मोबाइल इंटरनेट को आम आदमी की पहुंच में ला दिया है।
ब्रॉडबैंड बनाम नैरोबैंड: बदलता ट्रेंड
डेटा से यह भी स्पष्ट होता है कि भारत अब तेज़ इंटरनेट की ओर तेज़ी से शिफ्ट कर रहा है।
ब्रॉडबैंड इंटरनेट:
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Q1 FY26: 979.71 मिलियन
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Q2 FY26: 995.63 मिलियन
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वृद्धि: 1.63%
नैरोबैंड इंटरनेट:
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Q1 FY26: 23.14 मिलियन
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Q2 FY26: 22.18 मिलियन
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कमी: 4.14%
ब्रॉडबैंड की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे मुख्य कारण हैं—
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बेहतर स्पीड
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वीडियो स्ट्रीमिंग की मांग
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ऑनलाइन शिक्षा और वर्क-फ्रॉम-होम
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5G रोलआउट का असर
वहीं, नैरोबैंड सेवाएं धीरे-धीरे अप्रासंगिक होती जा रही हैं।
वायरलाइन इंटरनेट: तिमाही गिरावट, सालाना मजबूती
वायरलाइन (Wireline) इंटरनेट में तिमाही स्तर पर हल्की गिरावट देखने को मिली है, लेकिन सालाना आधार पर तस्वीर अलग है।
वायरलाइन सब्सक्रिप्शन:
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Q1 FY26: 47.49 मिलियन
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Q2 FY26: 46.61 मिलियन
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तिमाही गिरावट: 1.84%
हालांकि, Year-on-Year आधार पर इसमें 26.21% की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह संकेत देता है कि FTTH (Fiber to the Home) सेवाओं की मांग लंबी अवधि में लगातार बढ़ रही है, खासकर शहरी और मेट्रो इलाकों में।
वायरलाइन टेली-डेंसिटी में हल्की कमी
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Q1 FY26: 3.36%
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Q2 FY26: 3.29%
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कमी: 2.06%
यह गिरावट दर्शाती है कि फिक्स्ड लाइन का इस्तेमाल सीमित हो रहा है, जबकि मोबाइल-आधारित सेवाएं तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं।
बढ़ता ARPU: टेलीकॉम कंपनियों के लिए राहत
इंटरनेट और डेटा खपत बढ़ने का सीधा असर ARPU (Average Revenue Per User) पर पड़ा है।
वायरलेस ARPU:
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Q1 FY26: ₹186.62
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Q2 FY26: ₹190.99
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तिमाही वृद्धि: 2.34%
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YoY वृद्धि: 10.67%
सेगमेंट-वार ARPU:
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प्रिपेड: ₹189.69
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पोस्टपेड: ₹204.55
ARPU में यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि यूजर्स अब—
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ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहे हैं
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OTT प्लेटफॉर्म्स
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ऑनलाइन स्टडी
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ई-कॉमर्स
पर अधिक खर्च कर रहे हैं।
कॉलिंग पैटर्न: स्थिरता की ओर
MOU (Minutes of Usage):
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Q1 FY26: 1,006 मिनट/माह
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Q2 FY26: 1,005 मिनट/माह
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कमी: 0.10%
यह मामूली गिरावट यह दर्शाती है कि पारंपरिक वॉइस कॉलिंग अब स्थिर हो रही है, क्योंकि यूजर्स OTT कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप्स की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा संकेत
TRAI के ये आंकड़े बताते हैं कि भारत का डिजिटल भविष्य मजबूत नींव पर आगे बढ़ रहा है।
इंटरनेट का बढ़ता दायरा—
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डिजिटल भुगतान
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ई-गवर्नेंस
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स्टार्टअप इकोसिस्टम
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ऑनलाइन शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं
को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।
आने वाले समय में 5G विस्तार, सैटेलाइट इंटरनेट और ग्रामीण कनेक्टिविटी योजनाएं भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या और उपयोग—दोनों को और तेज़ी से बढ़ाने वाली हैं।
संक्षेप में मुख्य बिंदु
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कुल इंटरनेट यूजर्स (Q2 FY26): 1,017.81 मिलियन
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तिमाही वृद्धि: 1.49%
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मोबाइल इंटरनेट हिस्सेदारी: 95.6%
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ब्रॉडबैंड ग्रोथ: 1.63%
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नैरोबैंड में गिरावट: 4.14%
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वायरलेस ARPU: ₹190.99

