भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में बड़ा सुधार: अब इतने देशों में बिना वीज़ा एंट्री संभव
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में बड़ा सुधार: अब इतने देशों में बिना वीज़ा एंट्री संभव

भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में बड़ा सुधार: अब इतने देशों में बिना वीज़ा एंट्री संभव

दुनियाभर में पासपोर्ट की ताकत मापने वाले प्रतिष्ठित सूचकांक Henley & Partners द्वारा जारी Henley Passport Index 2026 ने भारतीय यात्रियों के लिए एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है।

हालाँकि भारत के वीज़ा-फ्री गंतव्यों की कुल संख्या में हल्की गिरावट आई है, फिर भी वैश्विक रैंकिंग में भारत 10 स्थान ऊपर चढ़कर 75वें स्थान पर पहुँच गया है।

यह बदलाव साफ़ दिखाता है कि पासपोर्ट की ताकत केवल कुल देशों की संख्या से नहीं, बल्कि अन्य देशों की तुलना में सापेक्ष स्थिति (Relative Ranking) से तय होती है।


हेनली पासपोर्ट इंडेक्स क्या है?

हेनली पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के 199 पासपोर्टों को 227 वैश्विक गंतव्यों तक पहुँच के आधार पर रैंक करता है।

इसकी गणना International Air Transport Association (IATA) के आधिकारिक ट्रैवल डेटा पर आधारित होती है।

इसमें शामिल होते हैं:

 वीज़ा-फ्री प्रवेश
 वीज़ा ऑन अराइवल
 सीमित इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA)

 लेकिन जिन देशों के लिए पहले से एम्बेसी अप्रूवल या पूर्ण ई-वीज़ा जरूरी हो — उन्हें शून्य अंक मिलते हैं।


भारत की 2026 रैंकिंग: आंकड़ों में पूरा बदलाव

भारत के पासपोर्ट प्रदर्शन को देखें तो तस्वीर साफ़ होती है:

वर्ष रैंक वीज़ा-फ्री गंतव्य
2025 85 57
जनवरी 2026 80 55
फरवरी 2026 75 56

👉 यानी गंतव्यों की संख्या घटी, लेकिन रैंक सुधर गई।


भारत ने किन देशों की सुविधा खोई?

🇮🇷 ईरान

ईरान ने नवंबर 2025 में भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री एंट्री निलंबित कर दी।

इसके पीछे कारण रहे:

  • फर्जी नौकरी ऑफ़र से जुड़े मामले

  • मानव तस्करी और अपहरण की घटनाएँ

अब भारतियों को एडवांस वीज़ा अप्रूवल लेना अनिवार्य हो गया है।


🇧🇴 बोलीविया

बोलीविया पहले वीज़ा ऑन अराइवल देता था, लेकिन 2026 से उसने ई-वीज़ा सिस्टम लागू कर दिया।

चूंकि अब यात्रा से पहले ऑनलाइन स्वीकृति जरूरी है, इसलिए यह “वीज़ा-फ्री” श्रेणी से बाहर हो गया।


गाम्बिया से मिली आंशिक राहत

फरवरी 2026 में The Gambia को फिर से भारत की सुलभ सूची में शामिल किया गया, जिससे कुल संख्या 55 से बढ़कर 56 हुई।

हालाँकि यह अभी भी 2025 के स्तर से कम है — इसलिए इसे आंशिक सुधार माना जा रहा है।


कम देशों के बावजूद भारत की रैंक कैसे सुधरी?

यह इंडेक्स Relative Ranking System पर काम करता है।

एक आसान उदाहरण समझिए:

अगर आपके अंक थोड़े घटे —
लेकिन बाकी देशों के अंक आपसे ज्यादा गिर गए —
तो आपकी रैंक बेहतर हो सकती है।

2026 में कई देशों ने भारत से ज्यादा वीज़ा-फ्री पहुंच खो दी।
इसी वजह से भारत की स्थिति मजबूत हुई, भले ही गंतव्यों की संख्या घटी हो।


आज भारतीय पासपोर्ट की वास्तविक ताकत क्या है?

फिलहाल भारतीय नागरिक:

 56 देशों में बिना पूर्व वीज़ा अनुमति यात्रा कर सकते हैं
 इसमें Visa-on-arrival और सीमित ETA शामिल हैं
 पूर्ण ई-वीज़ा वाले देश इसमें नहीं आते

यही कुल Mobility Score भारत की रैंक तय करता है।


दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट (2026)

शीर्ष स्थानों पर हैं:

  • 🇸🇬 सिंगापुर – 192 देश

  • 🇯🇵 जापान, 🇰🇷 साउथ कोरिया – 187

  • 🇸🇪 स्वीडन, 🇦🇪 यूएई – 186

  • 🇫🇷 फ्रांस, 🇩🇪 जर्मनी, 🇮🇹 इटली सहित कई यूरोपीय देश – 185+

जबकि सबसे कमजोर पासपोर्ट सूची में अफगानिस्तान, सीरिया और इराक नीचे हैं।


पासपोर्ट पावर कैसे कैलकुलेट होती है?

हर देश को मिलता है:

 1 पॉइंट अगर —

  • वीज़ा फ्री है

  • वीज़ा ऑन अराइवल है

  • बेसिक ETA है

  पॉइंट अगर —

  • पहले से एम्बेसी अप्रूवल चाहिए

कुल पॉइंट = Mobility Score = Global Rank

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