भारत में हाईवे यात्रा को डिजिटल, तेज़ और निर्बाध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए Jio Payments Bank Limited (JPBL) अब राष्ट्रीय राजमार्ग 48 (NH-48) पर ANPR आधारित Multi-Lane Free Flow (MLFF) टोलिंग प्रणाली लागू करने जा रहा है।
यह पायलट परियोजना गुरुग्राम और जयपुर के बीच स्थित दो प्रमुख टोल प्लाज़ा — शाहजहांपुर और मनोहरपुर पर शुरू की जाएगी। यह कदम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के उस लक्ष्य के अनुरूप है, जिसके तहत देशभर में बाधा-रहित (Barrier-Free) टोलिंग को लागू किया जाना है ताकि वाहनों की गति बढ़े और जाम की समस्या कम हो।
FASTag से आगे — अब Barrier-Free Tolling
अब तक भारत में टोल भुगतान प्रणाली मुख्य रूप से FASTag आधारित RFID तकनीक पर निर्भर रही है। इस प्रणाली ने मैनुअल नकद भुगतान की समस्या को काफी हद तक खत्म किया है, लेकिन अभी भी वाहनों को टोल बूथ पर धीमा होना पड़ता है ताकि RFID स्कैनर टैग पढ़ सके।
अब, MLFF (Multi-Lane Free Flow) प्रणाली इस सीमा को समाप्त करती है।
MLFF में ANPR (Automatic Number Plate Recognition) तकनीक का उपयोग किया जाता है, जो कैमरों के माध्यम से वाहन की नंबर प्लेट को रियल-टाइम में पहचानती है और टोल शुल्क स्वतः वसूल कर लेती है — बिना वाहन के रुकने या धीमा होने की आवश्यकता के।
यह प्रणाली वास्तव में “Barrier-Free Tolling” की दिशा में भारत का अगला बड़ा कदम है।
Jio Payments Bank की भूमिका
Jio Payments Bank Limited (JPBL), जो Jio Financial Services Limited (JFSL) की सहायक कंपनी है, इस पायलट परियोजना में दो टोल प्लाज़ा — शाहजहांपुर और मनोहरपुर — पर MLFF सिस्टम को स्थापित और संचालित करेगा।
यह पहली बार है जब कोई बैंक, पारंपरिक टोल ऑपरेटरों के अलावा, टोल प्रबंधन और स्वचालन प्रणाली में इतनी बड़ी भूमिका निभा रहा है।
JPBL पहले से ही 11 टोल प्लाज़ा पर Acquirer Bank के रूप में कार्यरत है और डिजिटल टोलिंग से जुड़ी तकनीकों में अनुभव रखता है। अब, MLFF के साथ, यह बैंक टोलिंग को AI, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, और रियल-टाइम डेटा प्रोसेसिंग से जोड़कर और भी उन्नत बना रहा है।
इस परियोजना में JPBL का उद्देश्य है:
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टोल भुगतान को पूर्णत: स्वचालित बनाना
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वाहन पहचान में त्रुटि रहित प्रणाली लागू करना
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राजस्व पारदर्शिता और परिचालन दक्षता बढ़ाना
ANPR आधारित MLFF सिस्टम कैसे काम करता है
MLFF प्रणाली में कई तकनीकें एक साथ मिलकर कार्य करती हैं:
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ANPR कैमरे:
ये हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरे प्रत्येक वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन कर पहचानते हैं। -
RFID रीडर:
FASTag वाले वाहनों की पुष्टि करता है ताकि सही भुगतान विधि लागू की जा सके। -
वाहन वर्गीकरण सेंसर:
ये सेंसर वाहन के प्रकार — जैसे कार, बस, ट्रक आदि — की पहचान करते हैं, ताकि टोल राशि सही तरीके से तय हो सके। -
बैकएंड डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम:
AI और क्लाउड तकनीक से लैस यह सिस्टम सभी डेटा को जोड़कर वाहन मालिक के FASTag वॉलेट या बैंक खाते से टोल शुल्क स्वतः काटता है।
यदि किसी वाहन के पास वैध FASTag नहीं है, तो प्रणाली नंबर प्लेट के आधार पर टोल वसूलेगी और भुगतान न होने की स्थिति में वाहन मालिक के खिलाफ ई-चालान जारी किया जा सकता है।
NHAI का दृष्टिकोण: One Nation, One Toll System
NHAI और उसकी सहयोगी इकाई IHMCL (Indian Highways Management Company Limited) इस पायलट प्रोजेक्ट की निगरानी कर रही हैं। उनका लक्ष्य है कि इस प्रणाली को धीरे-धीरे देशभर के चार-लेन और उससे अधिक चौड़ाई वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू किया जाए।
MLFF प्रणाली को भारत के लिए एक दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है, जो यातायात प्रवाह को सुगम और पारदर्शी बनाएगी।
Jio Payments Bank की टेक्नोलॉजी बढ़त
JPBL अपने Jio डिजिटल इकोसिस्टम की ताकत का उपयोग करके MLFF प्रणाली को और अधिक सक्षम बना रहा है। इसके अंतर्गत:
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AI और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम से नंबर प्लेट की पहचान और सत्यापन
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क्लाउड-आधारित डेटा स्टोरेज से रियल-टाइम ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग
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ब्लॉकचेन-आधारित सुरक्षा प्रोटोकॉल से भुगतान पारदर्शिता
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और Jio नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर से अल्ट्रा-फास्ट डेटा ट्रांसमिशन
Barrier-Free Tolling सिस्टम के प्रमुख लाभ
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तेज़ और निर्बाध यात्रा:
वाहनों को टोल बूथ पर रुकना या धीमा होना नहीं पड़ता। -
ईंधन की बचत:
इंजन आईडलिंग कम होने से ईंधन की खपत घटती है, जिससे पर्यावरणीय लाभ भी मिलता है। -
समय की बचत:
लंबी कतारों और प्रतीक्षा समय से मुक्ति। -
राजस्व पारदर्शिता:
ऑटोमेटेड डेटा लॉगिंग से मैनुअल त्रुटियों और राजस्व हानि में कमी। -
राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की संभावना:
NHAI का लक्ष्य इस मॉडल को भारत के सभी प्रमुख कॉरिडोर्स पर लागू करना है। -
बैंकिंग और फिनटेक एकीकरण:
JPBL जैसे बैंक अब इन्फ्रास्ट्रक्चर एनबलर्स के रूप में उभर रहे हैं, जो वित्त और तकनीक को जोड़ रहे हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परियोजना का नाम | ANPR आधारित Multi-Lane Free Flow (MLFF) टोलिंग |
| नियामक संस्था | NHAI और IHMCL |
| क्रियान्वयन एजेंसी | Jio Payments Bank Limited |
| स्थान | शाहजहांपुर और मनोहरपुर टोल प्लाज़ा (NH-48) |
| तकनीक | ANPR, RFID (FASTag), सेंसर, AI, और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर |
| लक्ष्य | निर्बाध, पारदर्शी और तेज़ टोलिंग प्रणाली |
| भविष्य योजना | सभी 4-लेन राष्ट्रीय राजमार्गों पर चरणबद्ध विस्तार |

