अरुणाचल प्रदेश के कबक यानो ने रचा इतिहास, पश्चिमी गोलार्ध की सबसे ऊंची चोटी फतह की
अरुणाचल प्रदेश के कबक यानो ने रचा इतिहास, पश्चिमी गोलार्ध की सबसे ऊंची चोटी फतह की

अरुणाचल प्रदेश के कबक यानो ने रचा इतिहास, पश्चिमी गोलार्ध की सबसे ऊंची चोटी फतह की

भारत के साहसिक खेल जगत के लिए यह एक गर्व का क्षण है। अरुणाचल प्रदेश की युवा पर्वतारोही कबक यानो ने अर्जेंटीना में स्थित माउंट अकॉनकागुआ की सफलतापूर्वक चोटी फतह कर ली है। 22,831 फीट ऊँची यह चोटी न केवल दक्षिण अमेरिका, बल्कि पूरे पश्चिमी गोलार्ध की सबसे ऊँची पर्वत चोटी है। इस ऐतिहासिक चढ़ाई के साथ कबक यानो ने अपने सेवन समिट्स (Seven Summits) पर्वतारोहण अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है।

यह उपलब्धि उनके अदम्य साहस, कठोर परिश्रम और असाधारण सहनशीलता का प्रमाण है। साथ ही, यह देशभर के युवाओं और साहसिक खेल प्रेमियों के लिए एक सशक्त प्रेरणा बनकर उभरी है।


कबक यानो कौन हैं?

कबक यानो अरुणाचल प्रदेश की 27 वर्षीय पर्वतारोही हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। वे प्रतिष्ठित सेवन समिट्स पर्वतारोहण अभियान को पूरा करने के मिशन पर हैं, जिसमें सातों महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियों को फतह करना शामिल होता है।

माउंट अकॉनकागुआ की चढ़ाई उनके इस लंबे और चुनौतीपूर्ण सफर का एक अहम पड़ाव है। यह चढ़ाई केवल शारीरिक ताकत की परीक्षा नहीं थी, बल्कि इसमें मानसिक मजबूती, अनुशासन और तकनीकी कौशल की भी सख्त जरूरत थी। अत्यधिक ऊँचाई, ऑक्सीजन की कमी और कठोर मौसम के बीच उन्होंने जिस दृढ़ता के साथ यह अभियान पूरा किया, वह उनकी पर्वतारोहण क्षमता को दर्शाता है।

कबक यानो की यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह अरुणाचल प्रदेश जैसे सीमावर्ती और पर्वतीय राज्य को वैश्विक साहसिक खेल मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।


माउंट अकॉनकागुआ: एंडीज़ का विशाल और चुनौतीपूर्ण पर्वत

माउंट अकॉनकागुआ अर्जेंटीना की एंडीज़ पर्वत श्रृंखला में स्थित है और समुद्र तल से 22,831 फीट (लगभग 6,961 मीटर) की ऊँचाई पर स्थित है। यह—

  • दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी

  • पश्चिमी गोलार्ध की सबसे ऊँची चोटी

  • एशिया के बाहर विश्व की सबसे ऊँची पर्वत चोटी

मानी जाती है।

हालाँकि अकॉनकागुआ को तकनीकी रूप से अत्यधिक कठिन नहीं माना जाता, लेकिन इसकी ऊँचाई इसे बेहद खतरनाक बना देती है। ऊँचाई से होने वाली बीमारियाँ (Altitude Sickness), तेज़ हवाएँ, अचानक बदलता मौसम और बर्फीला तापमान पर्वतारोहियों के लिए गंभीर चुनौती पैदा करते हैं। इसी कारण इस चोटी को फतह करना अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण में एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है, खासकर उन पर्वतारोहियों के लिए जो सेवन समिट्स अभियान पर हैं।


सेवन समिट्स पर्वतारोहण अभियान क्या है?

सेवन समिट्स चुनौती दुनिया के सात महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियों पर चढ़ाई का लक्ष्य रखती है। इसे पर्वतारोहण की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित उपलब्धियों में गिना जाता है।

इस अभियान में शामिल चोटियाँ आम तौर पर—

  • एशिया: माउंट एवरेस्ट

  • दक्षिण अमेरिका: माउंट अकॉनकागुआ

  • अफ्रीका: माउंट किलिमंजारो

  • यूरोप, उत्तरी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका की सर्वोच्च चोटियाँ

शामिल होती हैं।

कबक यानो की अकॉनकागुआ चढ़ाई उन्हें इस चुनौती को पूरा करने के और करीब ले जाती है। यह अभियान वर्षों के प्रशिक्षण, वित्तीय योजना, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और निरंतर मानसिक दृढ़ता की मांग करता है। हर चढ़ाई जीवन-रक्षा कौशल, अनुकूलन क्षमता और सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा लेती है। यानो की निरंतर प्रगति यह दर्शाती है कि वे लंबे समय तक उत्कृष्टता के प्रति कितनी गहरी प्रतिबद्धता रखते हैं।


राज्य और नेतृत्व की ओर से सराहना

कबक यानो की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के. टी. परनाइक ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने इस सफलता को न केवल व्यक्तिगत विजय, बल्कि पूरे राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

गौरतलब है कि जुलाई 2025 में इटानगर से राज्यपाल ने ही कबक यानो के सेवन समिट्स अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया था। राज्य के अन्य नेताओं और खेल जगत से जुड़े लोगों ने भी इस उपलब्धि को अरुणाचल प्रदेश में उभरती खेल और साहसिक संस्कृति का प्रतीक बताया है।


युवाओं के लिए प्रेरणा और व्यापक महत्व

कबक यानो की कहानी यह संदेश देती है कि सीमित संसाधन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ भी बड़े सपनों की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। उनकी सफलता—

  • युवाओं को साहसिक खेलों की ओर प्रेरित करती है

  • फिटनेस, अनुशासन और मानसिक मजबूती के महत्व को रेखांकित करती है

  • पूर्वोत्तर भारत की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर करती है

यह उपलब्धि भारत में साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण को भी नई पहचान दिलाने में सहायक हो सकती है।

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