साहित्य के क्षेत्र में वर्ष 2025 का नोबेल पुरस्कार हंगरी के प्रसिद्ध लेखक लास्ज़लो क्रास्नाहोरकाई
साहित्य के क्षेत्र में वर्ष 2025 का नोबेल पुरस्कार हंगरी के प्रसिद्ध लेखक लास्ज़लो क्रास्नाहोरकाई

साहित्य के क्षेत्र में वर्ष 2025 का नोबेल पुरस्कार हंगरी के प्रसिद्ध लेखक लास्ज़लो क्रास्नाहोरकाई

स्टॉकहोम, 9 अक्टूबर 2025: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने गुरुवार को साहित्य के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार 2025 का ऐलान किया। इस वर्ष का यह सम्मान हंगरी के प्रसिद्ध लेखक लास्ज़लो क्रास्नाहोरकाई (László Krasznahorkai) को प्रदान किया गया है। नोबेल समिति ने उन्हें यह पुरस्कार उनकी “मनमोहक और दूरदर्शी रचनात्मक शैली” के लिए दिया है, जिसने मानव अस्तित्व, समाज और समय की जटिलताओं को गहराई से उजागर किया है।

नोबेल समिति की घोषणा और प्रशंसा

घोषणा के दौरान समिति ने कहा कि क्रास्नाहोरकाई की लेखनी में “भविष्य की आहट” सुनाई देती है — वे दुनिया के अव्यवस्थित, जटिल और अस्थिर यथार्थ को एक कवितामय भाषा में पिरोते हैं। उनकी लेखन शैली लंबे, जटिल वाक्यों और दार्शनिक गहराई के लिए जानी जाती है, जो पाठक को एक विचारशील यात्रा पर ले जाती है।

क्रास्नाहोरकाई की रचनाएँ अक्सर पूर्वी यूरोप के सामाजिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक संकटों को प्रतिबिंबित करती हैं। वे मानवता की निराशा, आशा और पुनर्जागरण को अपने शब्दों में सजीव रूप में प्रस्तुत करते हैं।

पिछले वर्ष की विजेता थीं दक्षिण कोरिया की हान कांग

2024 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार दक्षिण कोरिया की लेखिका हान कांग (Han Kang) को मिला था, जिन्हें यह सम्मान मानव जीवन की नाजुकता और करुणा को दर्शाने वाली उनकी लेखनी के लिए प्रदान किया गया था। उनकी चर्चित कृति The Vegetarian ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई थी।

नोबेल पुरस्कारों की घोषणा क्रमवार

हर वर्ष की तरह इस बार भी नोबेल पुरस्कारों की घोषणा श्रृंखला के तहत पहले चिकित्सा, भौतिकी और रसायन विज्ञान के पुरस्कारों की घोषणा की गई। साहित्य का पुरस्कार इस सप्ताह घोषित किया गया चौथा नोबेल पुरस्कार रहा। आने वाले दिनों में शांति और अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी।

नोबेल पुरस्कार की धनराशि और परंपरा

नोबेल पुरस्कार का समारोह हर वर्ष 10 दिसंबर को आयोजित किया जाता है — यह दिन अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है। अल्फ्रेड नोबेल एक प्रसिद्ध स्वीडिश वैज्ञानिक थे जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था। उनके निधन (1896) के पाँच वर्ष बाद, 1901 से नोबेल पुरस्कार देने की परंपरा शुरू हुई।

इस पुरस्कार के तहत विजेताओं को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग साढ़े दस करोड़ रुपए) की धनराशि दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें 18 कैरेट का स्वर्ण पदक और एक डिप्लोमा भी प्रदान किया जाता है।

नोबेल पुरस्कार आज भी विश्व का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है, जो विज्ञान, साहित्य, शांति और मानवता के उत्थान में योगदान देने वालों को दिया जाता है।

कौन हैं लास्ज़लो क्रास्नाहोरकाई?

लास्ज़लो क्रास्नाहोरकाई का जन्म 1954 में दक्षिण-पूर्वी हंगरी के ग्युला (Gyula) नामक छोटे से कस्बे में हुआ था, जो रोमानियाई सीमा के निकट स्थित है। उन्होंने बुडापेस्ट विश्वविद्यालय से कानून और हंगेरियन भाषा में अध्ययन किया।

उनकी साहित्यिक यात्रा की शुरुआत 1985 में प्रकाशित उनके पहले उपन्यास ‘Sátántangó’ (सैटानटैंगो) से हुई, जिसने हंगरी में एक साहित्यिक सनसनी पैदा कर दी। इस उपन्यास को बाद में प्रसिद्ध निर्देशक बेला टार (Béla Tarr) ने एक सात घंटे लंबी फिल्म के रूप में रूपांतरित किया, जिसे आज विश्व सिनेमा की उत्कृष्ट कृतियों में गिना जाता है।

उनकी दूसरी प्रसिद्ध रचना ‘The Melancholy of Resistance’ (1989) हंगरी के एक काल्पनिक कस्बे में सामाजिक और नैतिक पतन की कहानी बताती है। वहीं उनका उपन्यास ‘War & War’ आधुनिक सभ्यता की निरर्थकता और मनुष्य के संघर्षों का प्रतीकात्मक चित्रण करता है।

क्रास्नाहोरकाई की रचनाओं में Kafka, Beckett और Dostoevsky की दार्शनिक छाया स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उनकी शैली में जटिलता होते हुए भी एक अद्भुत प्रवाह और गहराई है, जो पाठक को लंबे विचार-मंथन में डाल देती है।

साहित्य में उनका योगदान

क्रास्नाहोरकाई को न केवल हंगरी बल्कि पूरी दुनिया के साहित्यकारों ने आधुनिक यूरोपीय साहित्य का “दार्शनिक स्तंभ” कहा है। उनकी लेखनी राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर मानवीय अस्तित्व की जटिलताओं पर प्रश्न उठाती है।
वे मानते हैं कि “साहित्य का असली उद्देश्य यह दिखाना है कि मनुष्य अपने समय और परिवेश से कभी पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकता।”

उनके अन्य प्रमुख कार्यों में ‘Seiobo There Below’, ‘Baron Wenckheim’s Homecoming’ और ‘The Prisoner of Urga’ शामिल हैं। 2015 में उन्हें मैन बुकर इंटरनेशनल प्राइज से भी सम्मानित किया गया था।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply