एक ऐतिहासिक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपलब्धि के रूप में, मालदीव दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने मां से बच्चे में संक्रमण (Mother-to-Child Transmission – MTCT) के माध्यम से एचआईवी (HIV), हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) और सिफिलिस (Syphilis) — इन तीनों बीमारियों के “ट्रिपल एलिमिनेशन” का लक्ष्य प्राप्त किया है।
यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अक्टूबर 2025 में की, जिससे मालदीव ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैश्विक इतिहास रच दिया है। यह सफलता नवजात शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करने वाले संक्रामक रोगों के खिलाफ लड़ाई में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।
“ट्रिपल एलिमिनेशन” क्या है?
“ट्रिपल एलिमिनेशन” का अर्थ है — मां से बच्चे में संक्रमण (Vertical Transmission) के माध्यम से तीन प्रमुख संक्रामक रोगों को रोकने में सतत और मापनीय सफलता प्राप्त करना।
इन तीन बीमारियों में शामिल हैं:
-
एचआईवी (HIV): एड्स (AIDS) का कारण बनने वाला वायरस जो मां से शिशु में संक्रमण कर सकता है।
-
हेपेटाइटिस बी (HBV): जिगर को प्रभावित करने वाला खतरनाक वायरल संक्रमण।
-
सिफिलिस (Syphilis): यौन संचारित जीवाणुजनित संक्रमण, जो गर्भावस्था में भ्रूण को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।
WHO के अनुसार, ट्रिपल एलिमिनेशन के लिए किसी देश को न केवल संक्रमण की दरों को न्यूनतम करना होता है बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली, नैदानिक प्रक्रियाओं और निगरानी तंत्र को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतारना होता है।
WHO की मान्यता और वैश्विक प्रशंसा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने मालदीव की इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि —
“यह उपलब्धि दिखाती है कि जब मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियाँ, सर्वव्यापी परीक्षण और उपचार सेवाएँ उपलब्ध होती हैं, तो किसी भी देश के लिए बीमारियों का उन्मूलन असंभव नहीं होता।”
उन्होंने आगे कहा कि मालदीव की यह उपलब्धि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के अन्य देशों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जहाँ आज भी लगभग 4.2 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी से पीड़ित हैं और 25,000 एचआईवी-सकारात्मक गर्भवती महिलाओं को संक्रमण-रोकथाम सेवाओं की आवश्यकता है।
मालदीव ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि कैसे हासिल की?
मालदीव की सफलता किसी एक नीति या कार्यक्रम की नहीं बल्कि वर्षों से चल रही व्यापक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य रणनीति का परिणाम है।
देश ने निम्नलिखित प्रमुख उपायों पर विशेष ध्यान दिया:
🔹 1. गर्भपूर्व देखभाल कवरेज में बढ़ोतरी
मालदीव में 95% से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव-पूर्व (Antenatal) देखभाल मिलती है। इससे संक्रमणों की शुरुआती पहचान और रोकथाम के उपाय संभव हुए।
🔹 2. सार्वभौमिक परीक्षण व्यवस्था
लगभग सभी गर्भवती महिलाओं की एचआईवी, सिफिलिस और हेपेटाइटिस बी के लिए नियमित जांच की जाती है, जिससे संक्रमण के मामलों की शीघ्र पहचान और इलाज सुनिश्चित होता है।
🔹 3. समय पर और मुफ्त उपचार
संक्रमण की पुष्टि होने पर गर्भवती महिलाओं को तुरंत उपचार और दवाइयाँ दी जाती हैं ताकि संक्रमण भ्रूण तक न पहुँचे। इसके साथ-साथ परामर्श और फॉलो-अप सेवाओं की व्यवस्था भी की गई है।
🔹 4. जन्म के समय टीकाकरण
मालदीव में नवजात शिशुओं को जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस बी का टीका लगाया जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा लगभग समाप्त हो जाता है।
🔹 5. मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली और डेटा निगरानी
सटीक रिकॉर्ड-कीपिंग, सामुदायिक जागरूकता, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और डिजिटल डेटा सिस्टम के कारण निगरानी और रिपोर्टिंग प्रभावी रही।
इन सबके परिणामस्वरूप, मालदीव ने मातृ-शिशु संक्रमण दर को WHO के मानकों से नीचे लाने में सफलता पाई।
वैश्विक महत्व और अनुकरणीय मॉडल
मालदीव की यह सफलता केवल उसके लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक मॉडल (Blueprint) साबित हो रही है।
WHO का कहना है कि अन्य देश भी इस मॉडल को अपनाकर अपनी स्वास्थ्य नीतियों को मजबूत कर सकते हैं।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
-
सभी गर्भवती महिलाओं के लिए सार्वभौमिक स्क्रीनिंग को प्राथमिकता देना
-
संक्रमण की स्थिति में समय पर उपचार और निगरानी सुनिश्चित करना
-
जन्म के समय टीकाकरण कार्यक्रमों को व्यापक बनाना
-
समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता बढ़ाना
-
डेटा-आधारित निगरानी प्रणाली से नीति निर्माण को सुदृढ़ करना
छोटे द्वीपीय देशों या ऐसे राष्ट्र जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बेहतर है, वे विशेष रूप से इस मॉडल से लाभ उठा सकते हैं।
प्रमुख तथ्य एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| देश | मालदीव |
| उपलब्धि | एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सिफिलिस के मातृ-शिशु संक्रमण के “ट्रिपल एलिमिनेशन” का लक्ष्य हासिल किया |
| घोषणा की तिथि | अक्टूबर 2025 |
| मान्यता | विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा |
| WHO प्रमुख | डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस |
| गर्भपूर्व देखभाल कवरेज | 95% से अधिक |
| परीक्षण कार्यक्रम | एचआईवी, सिफिलिस और हेपेटाइटिस बी के लिए सार्वभौमिक परीक्षण |
| टीकाकरण नीति | जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस बी वैक्सीन |

