लियोनेल मेसी बने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के सर्वाधिक असिस्ट देने वाले खिलाड़ी
लियोनेल मेसी बने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के सर्वाधिक असिस्ट देने वाले खिलाड़ी

लियोनेल मेसी बने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के सर्वाधिक असिस्ट देने वाले खिलाड़ी

चमकदार प्लेमेकिंग प्रदर्शन के साथ, लियोनेल मेसी ने एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 15 अक्टूबर 2025 को खेले गए एक मैत्री मैच में अर्जेंटीना ने प्यूर्टो रिको को 6-0 से मात दी, और इस मुकाबले में मेसी ने दो शानदार असिस्ट देकर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे अधिक असिस्ट देने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।

38 वर्षीय मेसी ने इस जीत के साथ अपने असिस्ट का आंकड़ा 60 तक पहुंचा दिया, जिससे उन्होंने नेमार (58) और अमेरिकी स्टार लैंडन डोनोवन (58) को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि न केवल एक रिकॉर्ड है, बल्कि फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक के करियर की निरंतर चमक का प्रमाण भी है।


 2006 से 2025 तक — एक ऐतिहासिक समानता

दिलचस्प बात यह है कि मेसी का पहला अंतरराष्ट्रीय असिस्ट वर्ष 2006 में आया था, जब उन्होंने अर्जेंटीना के लिए फीफा विश्व कप में सेर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ 6-0 की जीत में पास दिया था।

और अब, लगभग 19 साल बाद, उन्होंने फिर उसी स्कोरलाइन — 6-0 — में प्यूर्टो रिको के खिलाफ खेलते हुए यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। यह एक अद्भुत करियर समानता है, जो दर्शाती है कि महान खिलाड़ी न केवल अपने प्रदर्शन से, बल्कि अपने सफर की निरंतरता से भी इतिहास लिखते हैं।


 रिकॉर्ड के पीछे की संख्या

पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे अधिक असिस्ट देने वाले खिलाड़ियों की सूची अब इस प्रकार है:

  1. लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना) – 60 असिस्ट

  2. नेमार जूनियर (ब्राज़ील) – 58 असिस्ट

  3. लैंडन डोनोवन (अमेरिका) – 58 असिस्ट

  4. फेरेंक पुश्कास (हंगरी) – 53 असिस्ट

  5. केविन डी ब्रुने (बेल्जियम) – 52 असिस्ट

इन आँकड़ों के साथ, मेसी ने न केवल दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी खुद को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित कर दिया है। वे अब अपने पेशेवर करियर (क्लब + अंतरराष्ट्रीय) में 400 असिस्ट के करीब पहुँच चुके हैं — यह संख्या किसी भी प्लेमेकर के लिए एक दुर्लभ मील का पत्थर है।


 मेसी की असिस्ट कला — जीनियस का रहस्य

लियोनेल मेसी की पासिंग और प्लेमेकिंग को “कला” कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा। उनकी दृष्टि, निर्णय-क्षमता और सटीकता उन्हें किसी भी युग के सर्वश्रेष्ठ प्लेमेकर्स की श्रेणी में रखती है।

  • असाधारण दृष्टि: मेसी खेल को कुछ सेकंड पहले ही पढ़ लेते हैं। वे जानते हैं कि साथी खिलाड़ी कहाँ होंगे और विरोधी रक्षकों की अगली चाल क्या होगी। यही पूर्वानुमान उन्हें सटीक पास देने में मदद करता है।

  • संतुलन और नियंत्रण: उनकी गेंद पर पकड़ इतनी सहज होती है कि वे तंग जगहों में भी डिफेंडरों को चकमा देकर पास निकाल देते हैं।

  • रचनात्मकता और जोखिम: मेसी हमेशा सुरक्षित पास नहीं देते — वे ऐसे पास चुनते हैं जिनसे गोल बनने की संभावना अधिक हो।

  • अनुभव का असर: 19 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर ने उन्हें यह सिखाया है कि कब गति बढ़ानी है और कब खेल को नियंत्रित रखना है।


 मेसी की उपलब्धियाँ — आँकड़ों से परे

  • पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे अधिक असिस्ट: 60

  • पहला असिस्ट: 2006, सेर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ

  • नवीनतम असिस्ट: अक्टूबर 2025, प्यूर्टो रिको के खिलाफ

  • अंतरराष्ट्रीय करियर की अवधि: 19 वर्ष

  • उम्र: 38 वर्ष

मेसी का यह रिकॉर्ड केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उनके करियर की स्थिरता और आत्म-अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने न केवल अर्जेंटीना के लिए विश्व कप, कोपा अमेरिका और फाइनलिसिमा जैसी ट्रॉफियाँ जीती हैं, बल्कि अब वे असिस्ट के मामले में भी शीर्ष पर पहुँच गए हैं।


 निरंतरता का प्रतीक

जब अधिकांश खिलाड़ी अपने 30वें दशक के मध्य तक पहुँचते-पहुँचते रफ्तार खो देते हैं, वहीं मेसी अब भी वही जुनून और सटीकता लेकर मैदान में उतरते हैं। उनके प्रदर्शन में उम्र का असर नहीं, बल्कि अनुभव की गहराई झलकती है।

मेसी ने यह साबित कर दिया है कि एक महान खिलाड़ी केवल गोल करने से महान नहीं बनता — बल्कि दूसरों के लिए गोल बनाने की क्षमता ही उसे “टीम प्लेयर” बनाती है। यही गुण उन्हें रोनाल्डो जैसे महान गोल-स्कोररों से अलग पहचान देता है।


 फुटबॉल इतिहास में मेसी की जगह

लियोनेल मेसी अब तक 180 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने न केवल गोल बल्कि निर्णायक पासों के जरिए भी अर्जेंटीना की जीत में योगदान दिया है। उनके करियर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे हर दौर में खुद को बेहतर करते गए — चाहे वो 2006 का युवा मेसी हो या 2025 का अनुभवी कप्तान।

उनके असिस्ट केवल सांख्यिकीय उपलब्धियाँ नहीं हैं — वे उनके सोचने, पढ़ने और खेल को संचालित करने की क्षमता का प्रमाण हैं। मेसी ने दिखाया है कि फुटबॉल केवल गोल का खेल नहीं, बल्कि दृष्टि और बुद्धिमत्ता का भी खेल है।

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