28 सितंबर 2025 को मुंबई में आयोजित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 94वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया गया। पूर्व दिल्ली और जम्मू-कश्मीर क्रिकेटर मिथुन मन्हास को निर्विरोध रूप से BCCI का 37वां अध्यक्ष चुना गया। यह नियुक्ति भारतीय क्रिकेट के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर पूर्व खिलाड़ियों के आने की प्रवृत्ति को और मजबूती प्रदान करती है।
मन्हास इस पद पर रोजर बिन्नी का स्थान लेंगे, जिन्होंने अगस्त 2025 में BCCI अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। इसके बीच में वरिष्ठ पदाधिकारी राजीव शुक्ला ने अंतरिम अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी।
नई BCCI नेतृत्व टीम: मजबूत और अनुभवी
94वीं AGM में केवल अध्यक्ष पद ही नहीं बल्कि अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी अनुभवी और क्रिकेट पृष्ठभूमि वाले पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
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अध्यक्ष: मिथुन मन्हास (निर्विरोध चुने गए)
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उपाध्यक्ष: राजीव शुक्ला (अपनी भूमिका जारी रखेंगे)
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सचिव: देवजीत सैकिया
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कोषाध्यक्ष: रघुराम भट्ट (पूर्व भारतीय स्पिनर)
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संयुक्त सचिव: प्रभतेज सिंह भाटिया
यह नेतृत्व टीम न केवल प्रशासनिक कुशलता बल्कि क्रिकेट के प्रति गहरी समझ भी रखती है, जो BCCI के कार्य संचालन को और प्रभावी बनाएगी।
मिथुन मन्हास: एक क्रिकेटर से प्रशासक तक का सफर
प्रारंभिक जीवन और क्रिकेट करियर
मिथुन मन्हास का जन्म 12 अक्टूबर 1979 को जम्मू में हुआ था। उन्होंने 1997–98 सीजन में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में कदम रखा। उनका क्रिकेट करियर लगभग दो दशक तक चला, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर और दिल्ली के लिए खेला।
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फर्स्ट-क्लास मैचों में प्रदर्शन: 157 मैच, 9,714 रन
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लिस्ट A मैच: 130 मैच, 4,126 रन
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टी20 मैच: 91 मैच, 1,170 रन
मन्हास ने घरेलू क्रिकेट में अपनी टीमों को नेतृत्व और स्थिरता प्रदान की और कई आईपीएल फ्रेंचाइजी के लिए भी खेला।
कोचिंग और प्रशासनिक अनुभव
खेल के मैदान से हटकर, मन्हास ने कोचिंग और प्रशासन में भी अपना करियर सफलतापूर्वक बनाया। उन्होंने पंजाब किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB), और गुजरात टाइटन्स जैसी प्रमुख IPL टीमों को कोच किया। इसके अलावा, वे बांग्लादेश अंडर-19 टीम के बल्लेबाजी सलाहकार भी रहे।
मन्हास ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में चार साल तक सक्रिय सेवा दी और BCCI की उप-समिति में भी योगदान दिया। उन्हें हाल ही में BCCI की वरिष्ठ चयन समिति का सदस्य भी बनाया गया है।
BCCI अध्यक्ष के रूप में मिथुन मन्हास की भूमिका और जिम्मेदारियां
BCCI भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा शासी निकाय है, जो देश के क्रिकेट विकास, संचालन, और नीति निर्धारण का कार्य करता है। अध्यक्ष के रूप में मिथुन मन्हास के कंधों पर कई बड़ी जिम्मेदारियां हैं:
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राष्ट्रीय क्रिकेट नीति और योजना बनाना
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देश के क्रिकेट कार्यक्रमों का समुचित संचालन सुनिश्चित करना
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संगठनों से संवाद स्थापित करना
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खिलाड़ियों के हितों का संरक्षण और कल्याण सुनिश्चित करना
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IPL सहित सभी टूर्नामेंटों का सफल आयोजन
मिथुन मन्हास इस पद पर आते हुए एक ऐसे दौर में नेतृत्व करने जा रहे हैं, जब भारतीय क्रिकेट को कई नए अवसरों और चुनौतियों का सामना करना है। उनकी गहरी समझ और अनुभव BCCI के उद्देश्यों को सफल बनाने में मददगार साबित होगा।
BCCI की नई टीम में अन्य प्रमुख नियुक्तियां
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राजीव शुक्ला, जो वर्तमान में उपाध्यक्ष हैं, अपने पद पर बने रहेंगे। शुक्ला का क्रिकेट प्रशासन में बड़ा अनुभव है और वे कई महत्वपूर्ण नीतियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
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देवजीत सैकिया सचिव पद पर बने रहेंगे, जिनका प्रशासनिक अनुभव BCCI के सुचारू संचालन में अहम भूमिका निभाता है।
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रघुराम भट्ट, जो पूर्व भारतीय स्पिनर और कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, BCCI के कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। उनका क्रिकेट और प्रशासनिक अनुभव वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करेगा।
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प्रभतेज सिंह भाटिया को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है, जो संगठन के कामकाज को और प्रभावी बनाएंगे।
BCCI का संक्षिप्त परिचय और महत्व
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स्थापना: दिसंबर 1928
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मुख्यालय: क्रिकेट सेंटर, मुंबई, महाराष्ट्र
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पहला अध्यक्ष: R.E. Grant Govan
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पूर्ण सदस्य संघ: 38 (राज्य क्रिकेट एसोसिएशन्स)
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ICC सदस्यता: 1926 से (ब्रिटिश भारतीय क्रिकेट टीम के रूप में)
BCCI विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली क्रिकेट बोर्ड है। इसका निर्णय क्रिकेट की दिशा तय करता है और यह न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर क्रिकेट के विकास में भी अहम भूमिका निभाता है।

