NABL ने ISO 15189:2022 के लिए नया मेडिकल एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया
NABL ने ISO 15189:2022 के लिए नया मेडिकल एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया

NABL ने ISO 15189:2022 के लिए नया मेडिकल एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया न

भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज़ (NABL) ने नया मेडिकल एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल विशेष रूप से आईएसओ 15189:2022 (ISO 15189:2022) मानक के तहत मान्यता (Accreditation) प्राप्त करने वाली प्रयोगशालाओं के लिए तैयार किया गया है।

यह डिजिटल पहल 19 अगस्त 2025 को आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम “गोइंग लाइव” के दौरान पेश की गई। इसके ज़रिए NABL का उद्देश्य प्रयोगशालाओं को एक तेज़, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराना है, जिससे मान्यता प्रक्रिया अधिक सरल और भरोसेमंद हो सके।


ISO 15189:2022 क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

ISO 15189:2022 एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जो चिकित्सा प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता (Quality) और क्षमता (Competence) से संबंधित आवश्यकताओं को परिभाषित करता है।

इस मानक के तहत मान्यता प्राप्त करने से यह सुनिश्चित होता है कि प्रयोगशालाएँ:

  • सटीक (Accurate)

  • विश्वसनीय (Reliable)

  • और सुरक्षित (Safe)

निदान परीक्षण प्रदान कर रही हैं।

आज की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में गलत या अधूरे परीक्षण नतीजे गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। ऐसे में ISO 15189:2022 मानक प्रयोगशालाओं को उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय मानकों पर परखता है और मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करता है।


NABL के नए मेडिकल एप्लिकेशन पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ

नया पोर्टल प्रयोगशालाओं की वास्तविक ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। इसमें कई ऐसी खूबियाँ शामिल की गई हैं जो आवेदन प्रक्रिया को तेज़, सरल और त्रुटि-रहित बनाती हैं।

मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

  1. पुनर्गठित आवेदन प्रक्रिया – प्रयोगशालाएँ आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं और अपने आवेदन की स्थिति (Status) कभी भी ट्रैक कर सकती हैं।

  2. मानकीकृत दस्तावेज़ टेम्पलेट्स – आवश्यक दस्तावेज़ों के लिए एक समान टेम्पलेट, जिससे भ्रम और मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी।

  3. प्री-रजिस्ट्रेशन चेकलिस्ट – आवेदन करने से पहले प्रयोगशालाएँ अपनी तैयारी की जाँच कर पाएँगी।

  4. यूज़र-फ्रेंडली इंटरफ़ेस – पोर्टल का लेआउट साफ़-सुथरा और नेविगेशन आसान है, जिससे किसी भी स्तर के उपयोगकर्ता इसे सहजता से चला सकें।

  5. मल्टी-यूज़र एक्सेस – प्रयोगशाला में कार्यरत विभिन्न अधिकारी (जैसे लैब मैनेजर, क्वालिटी हेड आदि) अपने-अपने खाते से सुरक्षित रूप से लॉगिन कर सकेंगे।

क्यूसीआई (QCI) के चेयरपर्सन जक्सय शाह ने बताया कि जिन प्रक्रियाओं को पूरा करने में पहले हफ़्तों या महीनों का समय लगता था, उन्हें अब मात्र 2–3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।


प्रयोगशालाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लाभ

इस पोर्टल की शुरुआत से भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण लाभ होंगे।

1. तेज़ी

आवेदन प्रक्रिया तेज़ होगी और मान्यता चक्र (Accreditation Cycle) कम समय में पूरा होगा।

2. पारदर्शिता

प्रयोगशालाएँ हर चरण की रीयल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकेंगी। इससे भ्रम और देरी कम होगी।

3. जवाबदेही

मल्टी-यूज़र एक्सेस और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फीचर से प्रयोगशालाओं के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी।

4. लागत प्रभावशीलता

डिजिटल प्रोसेसिंग से प्रशासनिक और लॉजिस्टिक खर्चों में कमी आएगी।

5. राष्ट्रीय पहुँच

भारत के किसी भी कोने में स्थित प्रयोगशालाएँ बिना क्षेत्रीय कार्यालयों पर निर्भर हुए इस सिस्टम का उपयोग कर पाएँगी।


क्यों है यह पहल ज़रूरी?

भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है। हर दिन लाखों लोग डायग्नोस्टिक टेस्ट कराते हैं। लेकिन इन सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।

अक्सर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित प्रयोगशालाएँ मान्यता प्रक्रिया से दूर रह जाती थीं, क्योंकि उन्हें दस्तावेज़ और आवेदन प्रक्रिया में कठिनाई होती थी।

नए NABL पोर्टल से:

  • इन क्षेत्रों की प्रयोगशालाएँ भी आसानी से आवेदन कर सकेंगी।

  • देशभर में मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ेगी।

  • मरीज़ों को अधिक सटीक और भरोसेमंद टेस्ट नतीजे उपलब्ध होंगे।


निष्कर्ष

NABL का यह नया मेडिकल एप्लिकेशन पोर्टल स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) का एक बड़ा उदाहरण है। यह न केवल प्रयोगशालाओं को सशक्त बनाएगा बल्कि पूरे देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को गुणवत्ता, पारदर्शिता और दक्षता की नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

आख़िरकार, इसका सीधा लाभ मरीज़ों को मिलेगा—जहाँ उन्हें तेज़, विश्वसनीय और सुरक्षित निदान सेवाएँ प्राप्त होंगी।

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