अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने पुष्टि की है कि उसके महत्वपूर्ण मंगल ऑर्बिटर MAVEN (Mars Atmosphere and Volatile Evolution Mission) से अचानक संपर्क टूट गया है। यह घटना उस समय हुई जब MAVEN मंगल ग्रह के पीछे (Mars Occultation Phase) गया था। आमतौर पर ऐसे समय में कुछ देर के लिए संपर्क बाधित होता है, लेकिन ग्रह के सामने दोबारा आने के बाद भी जब ग्राउंड स्टेशन से संपर्क स्थापित नहीं हो सका, तो NASA ने इसे गंभीर तकनीकी घटना मानते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी।
MAVEN पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से मंगल की कक्षा में सक्रिय था और इसे NASA के सबसे सफल और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक मिशनों में गिना जाता है।
क्या हुआ MAVEN के साथ?
NASA द्वारा साझा की गई शुरुआती जानकारी के अनुसार—
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मंगल के पीछे जाने से पहले MAVEN पूरी तरह सामान्य स्थिति में था
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ग्रह के सामने आने के बाद अपेक्षित सिग्नल प्राप्त नहीं हुए
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ग्राउंड स्टेशन से भेजे गए कमांड का कोई जवाब नहीं मिला
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तुरंत इंजीनियरिंग और मिशन कंट्रोल टीमों को अलर्ट किया गया
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फिलहाल किसी बड़े तकनीकी नुकसान या क्रैश की पुष्टि नहीं हुई है
NASA ने स्पष्ट किया है कि संपर्क टूटने का मतलब यह नहीं है कि MAVEN पूरी तरह नष्ट हो गया है। कई बार अंतरिक्ष यान सेफ मोड में चले जाते हैं, जिससे वे ऊर्जा बचाने के लिए संचार सीमित कर देते हैं।
MAVEN मिशन क्या है और क्यों था इतना महत्वपूर्ण?
MAVEN मिशन को 18 नवंबर 2013 को लॉन्च किया गया था और यह सितंबर 2014 में मंगल की कक्षा में पहुँचा। इसका मुख्य उद्देश्य मंगल के वातावरण (Atmosphere) के इतिहास को समझना था।
MAVEN के प्रमुख वैज्ञानिक लक्ष्य
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मंगल के ऊपरी वायुमंडल का विस्तृत अध्ययन
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यह समझना कि सौर पवन (Solar Wind) ने मंगल के वातावरण को कैसे नष्ट किया
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यह पता लगाना कि मंगल कैसे एक गर्म और जल-समृद्ध ग्रह से
एक ठंडा और बंजर ग्रह बन गया
MAVEN के डेटा से वैज्ञानिकों ने यह निष्कर्ष निकाला कि मंगल के पास पृथ्वी जैसा मजबूत चुंबकीय क्षेत्र नहीं था, जिसके कारण सूर्य की तेज सौर हवाओं ने धीरे-धीरे उसका वातावरण अंतरिक्ष में उड़ा दिया।
मानव भविष्य और मंगल मिशनों के लिए MAVEN क्यों अहम था?
MAVEN केवल एक वैज्ञानिक मिशन नहीं था, बल्कि यह मंगल पर चल रहे अन्य अभियानों के लिए एक कम्युनिकेशन रिले के रूप में भी काम कर रहा था।
किन मिशनों को MAVEN संचार सहायता देता था?
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Curiosity Rover
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Perseverance Rover
यह रोवर्स से प्राप्त डेटा को पृथ्वी तक पहुँचाने में मदद करता था।
अगर MAVEN लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है, तो NASA को संचार के लिए अन्य ऑर्बिटर्स पर अधिक निर्भर रहना पड़ेगा।
NASA के अन्य सक्रिय मंगल ऑर्बिटर
हालांकि MAVEN से संपर्क टूट गया है, लेकिन NASA के पास अभी भी दो सक्रिय मंगल ऑर्बिटर मौजूद हैं:
| अंतरिक्षयान | प्रक्षेपण वर्ष | स्थिति |
|---|---|---|
| Mars Reconnaissance Orbiter (MRO) | 2005 | सक्रिय |
| Mars Odyssey | 2001 | सक्रिय |
ये दोनों ऑर्बिटर अब मंगल संचार नेटवर्क पर अतिरिक्त भार संभाल सकते हैं, लेकिन MAVEN की वैज्ञानिक भूमिका की भरपाई आसान नहीं होगी।
संपर्क टूटने के संभावित कारण
NASA के इंजीनियर MAVEN के अंतिम सिग्नल और टेलीमेट्री डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं। संभावित कारणों में शामिल हैं—
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अंतरिक्ष यान का सेफ मोड में चले जाना
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एंटीना का पृथ्वी की ओर सही दिशा में न होना
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सॉफ्टवेयर या कम्युनिकेशन सिस्टम में गड़बड़ी
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पावर सिस्टम या बैटरी में समस्या
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सौर विकिरण या अंतरिक्ष मौसम का प्रभाव
इनमें से कई समस्याएँ अस्थायी हो सकती हैं और पहले भी अन्य मिशनों में देखी जा चुकी हैं।
क्या MAVEN से दोबारा संपर्क संभव है?
NASA के विशेषज्ञों का कहना है कि अभी उम्मीद बनी हुई है।
एजेंसी—
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अलग-अलग फ्रीक्वेंसी पर सिग्नल भेज रही है
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Deep Space Network (DSN) के ज़रिये संपर्क बहाल करने की कोशिश कर रही है
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ऑर्बिटर की संभावित कक्षा और पावर स्थिति का अनुमान लगा रही है
अंतरिक्ष अभियानों में पहले भी कई बार संपर्क टूटने के बाद सफलतापूर्वक बहाल किया गया है।
पहले भी हुए हैं ऐसे मामले
NASA के कई ऐतिहासिक मिशनों में संपर्क संबंधी समस्याएँ आई हैं—
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Mars Spirit Rover
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InSight Lander
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Mars Odyssey (शुरुआती वर्षों में)
कुछ मामलों में संपर्क दोबारा स्थापित हुआ, जबकि कुछ मिशन हमेशा के लिए समाप्त हो गए।

