नीति आयोग की नई रिपोर्ट: होमस्टे उद्योग के लिए नीतिगत दिशा-निर्देश
नीति आयोग की नई रिपोर्ट: होमस्टे उद्योग के लिए नीतिगत दिशा-निर्देश

नीति आयोग की नई रिपोर्ट: होमस्टे उद्योग के लिए नीतिगत दिशा-निर्देश

नीति आयोग ने इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) के सहयोग से नई रिपोर्ट “रीथिंकिंग होमस्टे: नैविगेटिंग पॉलिसी पाथवेज़” जारी की है। यह रिपोर्ट भारत में होमस्टे और बीएनबी (BnB) इकोसिस्टम को सशक्त बनाने और उसे सतत, सुरक्षित और व्यवसायिक रूप से लाभकारी बनाने के लिए एक रणनीतिक रोडमैप प्रस्तुत करती है।

रिपोर्ट को 22 अगस्त 2025 को नीति आयोग की उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने जारी किया। इस अवसर पर श्री युगल किशोर जोशी (कार्यक्रम निदेशक) सहित पर्यटन मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही गोवा, केरल, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस पहल में IAMAI, MakeMyTrip, Airbnb, Chase India, ISPP और The Convergence Foundation जैसी प्रमुख संस्थाओं की भागीदारी रही।


रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएँ

  1. संस्कृतिक सेतु के रूप में होमस्टे
    रिपोर्ट में होमस्टे को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का संवाहक बताया गया है। यह केवल यात्रा अनुभव को प्रामाणिक बनाता है, बल्कि स्थानीय उद्यमिता और रोजगार को भी सशक्त करता है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में होमस्टे रोजगार और आर्थिक अवसर पैदा करने में सहायक हैं, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण स्तंभ बनता है।

  2. नीतिगत दिशा
    सुरक्षा, धरोहर संरक्षण और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट में सरल और पारदर्शी नियामक ढांचे की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है। इस दिशा में नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों को मिलकर ऐसे नीतिगत उपाय तैयार करने चाहिए, जो होमस्टे मालिकों और यात्रियों दोनों के लिए स्पष्ट और सुलभ हों।

  3. सार्वजनिक–निजी सहयोग
    रिपोर्ट में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को महत्व दिया गया है। इसमें IAMAI, Airbnb और अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म्स की भागीदारी पर जोर है। डिजिटल और प्रशासनिक सहयोग के माध्यम से होमस्टे क्षेत्र को स्थायी और व्यवसायिक दृष्टि से मजबूत बनाने की योजना प्रस्तुत की गई है।

  4. डिजिटल सशक्तिकरण
    डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से होस्ट प्रशिक्षण, उपभोक्ता विश्वास और क्षेत्रीय विस्तार क्षमता को बढ़ाने पर सुझाव दिए गए हैं। यह कदम होमस्टे मालिकों को व्यवसाय प्रबंधन और मार्केटिंग में सशक्त बनाएगा।

  5. सर्वोत्तम अभ्यास
    रिपोर्ट में कई राज्य-स्तरीय केस स्टडीज़ शामिल हैं, जो होमस्टे संचालन के सफल और स्केलेबल मॉडल को प्रदर्शित करती हैं। ये उदाहरण अन्य राज्यों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं।


रिपोर्ट का महत्व और प्रभाव

नीति आयोग की यह रिपोर्ट भारत में होमस्टे और बीएनबी सेक्टर को पर्यटन वृद्धि का मुख्य स्तंभ मानती है। यह निम्नलिखित क्षेत्रों में योगदान देती है:

  • सांस्कृतिक प्रामाणिकता को आधुनिक आतिथ्य सेवाओं के साथ जोड़ना।

  • स्थानीय आजीविका सृजन को धरोहर संरक्षण के साथ संतुलित करना।

  • समावेशी और सतत विकास को पर्यटन के माध्यम से बढ़ावा देना।

यह दस्तावेज़ केवल सैद्धांतिक सुझाव नहीं देता, बल्कि कार्यान्वयन योग्य नीतिगत सिफारिशें प्रस्तुत करता है। इसका उद्देश्य भारत के होमस्टे सेक्टर को लचीला, धरोहर-सचेत और पर्यटन दृष्टि से अग्रणी बनाना है।


आगे की राह

रिपोर्ट में सुझाए गए उपायों का पालन करके राज्यों और केंद्र सरकार होमस्टे व्यवसाय को व्यवस्थित कर सकते हैं। साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, प्रशिक्षण और सार्वजनिक–निजी साझेदारी के माध्यम से यह क्षेत्र स्थायी रोजगार, स्थानीय संस्कृति का संरक्षण और पर्यटन की गुणवत्ता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में होमस्टे के विकास से स्थानीय समाज को आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलेगा। यह मॉडल भारत के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने में मदद करेगा।


निष्कर्ष

नीति आयोग की रिपोर्ट “रीथिंकिंग होमस्टे: नैविगेटिंग पॉलिसी पाथवेज़” भारत के होमस्टे और बीएनबी इकोसिस्टम के लिए एक रणनीतिक रोडमैप है। यह न केवल स्थानीय पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देती है, बल्कि धरोहर संरक्षण, डिजिटल सशक्तिकरण और सार्वजनिक-निजी सहयोग के माध्यम से भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाने का कार्य करती है।

यह दस्तावेज़ नीति निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदायों को मार्गदर्शन देता है ताकि भारत का होमस्टे क्षेत्र सुरक्षित, लाभकारी और सतत विकास की दिशा में अग्रणी बने।

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