भारत सरकार एक बार फिर अपना बहुप्रतीक्षित वार्षिक कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha – PPC) 2026 लेकर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संचालित यह अनूठी पहल छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षा को तनाव और भय से मुक्त होकर सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करती है।
जनवरी 2026 में आयोजित होने वाला PPC का 9वां संस्करण प्रतिभागियों को न केवल परीक्षा से जुड़े व्यावहारिक सुझाव देगा, बल्कि भावनात्मक संतुलन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल विकसित करने में भी सहायक होगा।
आज जब प्रतियोगी परीक्षाओं और अंक-केंद्रित सोच का दबाव बढ़ रहा है, ऐसे समय में परीक्षा पे चर्चा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र विकास पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल बन चुकी है।
क्या है परीक्षा पे चर्चा?
परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। इस पहल के अंतर्गत प्रधानमंत्री सीधे स्कूली छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद करते हैं और परीक्षा से जुड़ी आम चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करते हैं। इसका मूल उद्देश्य परीक्षाओं को “डर” की बजाय सीख और उत्सव के रूप में प्रस्तुत करना है।
यह कार्यक्रम—
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छात्रों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करता है
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शिक्षकों को सहायक और मार्गदर्शक भूमिका अपनाने का संदेश देता है
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अभिभावकों को बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाने के लिए जागरूक करता है
परीक्षा पे चर्चा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के भी अनुरूप है, जिसमें तनाव-मुक्त, मूल्य-आधारित और सार्थक शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
PPC 2026: तिथि और पंजीकरण की जानकारी
परीक्षा पे चर्चा 2026 का आयोजन जनवरी 2026 में किया जाएगा। इसमें भाग लेने के लिए सरकार द्वारा MyGov पोर्टल पर एक ऑनलाइन बहुविकल्पीय प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।
मुख्य पंजीकरण विवरण
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पंजीकरण अवधि: 1 दिसंबर 2025 से 11 जनवरी 2026
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कौन आवेदन कर सकते हैं:
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छात्र (कक्षा 6 से 12)
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शिक्षक
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अभिभावक
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पंजीकरण मंच: MyGov पोर्टल
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प्रमाणपत्र: प्रतियोगिता सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को आधिकारिक सहभागिता प्रमाणपत्र दिया जाएगा
यह प्रतियोगिता न केवल सहभागिता बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि छात्रों को आत्म-अभिव्यक्ति और विचार साझा करने का अवसर भी देती है।
कैसे विकसित हुआ परीक्षा पे चर्चा का स्वरूप?
2018 में परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत महज़ 22,000 प्रतिभागियों के साथ हुई थी। समय के साथ यह पहल एक विशाल जन-आंदोलन बन चुकी है, जिसकी पहुँच देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक फैल चुकी है।
हर वर्ष यह कार्यक्रम छात्रों के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण और व्यावहारिक विषयों पर केंद्रित रहता है, जैसे—
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परीक्षा के समय तनाव और समय प्रबंधन
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पढ़ाई और शौक के बीच संतुलन
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डिजिटल टूल्स और तकनीक का सही उपयोग
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अनुशासन, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व
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असफलता से सीखने की कला
इन चर्चाओं के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि परीक्षाएँ जीवन का अंत नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का एक चरण हैं।
PPC 2025 की प्रमुख झलकियाँ
परीक्षा पे चर्चा का 8वां संस्करण 10 फरवरी 2025 को नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में खुले वातावरण में आयोजित किया गया था। यह आयोजन अपनी प्रकृति और सहभागिता के लिए विशेष रूप से याद किया गया।
इस संस्करण में:
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देशभर में से चयनित 36 छात्र प्रतिनिधि शामिल हुए
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प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से एक छात्र को प्रतिनिधित्व मिला
प्रतिभागी विभिन्न संस्थानों से थे, जिनमें शामिल हैं—
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केंद्रीय विद्यालय
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नवोदय विद्यालय
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CBSE स्कूल
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एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय
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सैनिक स्कूल
इसके अलावा, कला उत्सव, वीर गाथा के विजेता तथा PRERANA कार्यक्रम के पूर्व छात्र भी विशेष प्रतिभागियों में शामिल थे।
विशेष एपिसोड और विषयगत चर्चाएँ
PPC 2025 के अंतर्गत 7 विशेष एपिसोड प्रसारित किए गए, जिनमें निम्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई—
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खेल और अनुशासन
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मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन
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रचनात्मकता और सकारात्मक सोच
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तकनीक और वित्तीय साक्षरता
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पोषण, स्वास्थ्य और वेलनेस
इन एपिसोड्स ने छात्रों को परीक्षा से परे जीवन कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
वैश्विक भागीदारी और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
परीक्षा पे चर्चा 2025 ने इतिहास रचते हुए दुनिया की सबसे बड़ी वैश्विक ऑनलाइन शैक्षिक इंटरैक्शन का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। इस आयोजन में—
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3.56 करोड़ पंजीकरण हुए
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245 से अधिक देशों के छात्र जुड़े
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153 देशों के शिक्षक और 149 देशों के अभिभावक शामिल हुए
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अतिरिक्त 1.55 करोड़ लोग जन-आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों का हिस्सा बने
इस तरह कुल सहभागिता लगभग 5 करोड़ तक पहुँच गई, जो PPC की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है।

