प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: चार वर्षों में बुनियादी ढांचे का कायापलट
प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: चार वर्षों में बुनियादी ढांचे का कायापलट

प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान: चार वर्षों में बुनियादी ढांचे का कायापलट

13 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM GatiShakti National Master Plan) ने अपनी स्थापना की चौथी वर्षगांठ मनाई। यह योजना भारत के बुनियादी ढांचे में एक अभूतपूर्व परिवर्तन का प्रतीक है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अक्टूबर 2021 को लॉन्च किया था, जिसका उद्देश्य देश के अवसंरचना, परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एकीकृत करके दक्षता और कनेक्टिविटी में सुधार करना था।

PM GatiShakti सिर्फ़ सड़कों या रेलमार्गों की योजना नहीं है, बल्कि यह अंतर-मंत्रालय समन्वय और डेटा-संचालित प्रगति निगरानी का मॉडल प्रस्तुत करती है। योजना के माध्यम से परियोजनाओं की योजना, मंज़ूरी और कार्यान्वयन में तेजी और पारदर्शिता आई है।


प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना क्या है?

PM GatiShakti भारत की पहली एकीकृत मल्टीमॉडल (Multimodal) अवसंरचना योजना है। इसका उद्देश्य रेल, सड़क, हवाई मार्ग और बंदरगाह सहित सभी परिवहन नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स प्रणाली को एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लाना है।

मुख्य उद्देश्य हैं:

  1. बाधाओं (Bottlenecks) को समाप्त करना – विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर परियोजनाओं में देरी और लागत बढ़ोतरी को कम करना।

  2. एकीकृत डिजिटल योजना – GIS-आधारित प्लेटफ़ॉर्म के जरिए साझा डेटा और परियोजना निगरानी।

  3. अर्थव्यवस्था में वृद्धि – औद्योगिक क्लस्टर, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स पार्कों में तेजी से अवसंरचना विकास।

  4. सतत और हरित विकास – पर्यावरण-अनुकूल मार्ग और हरित गलियारों के माध्यम से परियोजनाओं का टिकाऊ क्रियान्वयन।

इस योजना में 44 केंद्रीय मंत्रालयों और 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को जोड़ा गया है, ताकि परियोजनाओं की योजना, संसाधन आवंटन और कार्यान्वयन में पूर्ण समन्वय सुनिश्चित हो।


PM GatiShakti के प्रमुख उद्देश्य

  1. सुगम कनेक्टिविटी (Seamless Connectivity):

    • योजना का लक्ष्य अंतिम चरण (last-mile) कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है, जिससे रेल, सड़क, हवाई और बंदरगाह नेटवर्क एक-दूसरे के साथ सुसंगत हों।

    • इससे माल और लोगों की आवाजाही तेज और लागत-कुशल बनती है।

  2. समय और लागत दक्षता (Time & Cost Efficiency):

    • एकीकृत योजना और डिजिटल निगरानी के जरिए परियोजनाओं की समय सीमा में कमी और लागत पर नियंत्रण।

    • लॉजिस्टिक्स लागत को GDP के 13–14% से घटाकर 8–9% तक लाने का लक्ष्य।

  3. डेटा-आधारित योजना (Data-Driven Planning):

    • GIS मैपिंग से वास्तविक समय पर परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी और संसाधनों का अनुकूल आवंटन संभव।

  4. आर्थिक क्षेत्रों को बढ़ावा (Boost to Economic Zones):

    • औद्योगिक क्लस्टर, SEZs, लॉजिस्टिक्स पार्क और बंदरगाह क्षेत्रों में तेजी से अवसंरचना विकास।

  5. सतत विकास (Sustainable Development):

    • पर्यावरण-अनुकूल मार्ग और हरित गलियारों के माध्यम से परियोजनाओं का टिकाऊ क्रियान्वयन।


चार वर्षों की प्रमुख उपलब्धियाँ

  1. व्यापक एकीकरण:

    • 44 मंत्रालयों और सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ा गया।

    • इससे योजनाओं में समन्वय और संसाधन प्रबंधन में सुधार हुआ।

  2. डिजिटल मॉनिटरिंग:

    • राष्ट्रीय मास्टर प्लान पोर्टल पर सड़कों, रेलमार्गों, बिजली लाइनों आदि की वास्तविक समय निगरानी संभव।

  3. समन्वय में सुधार:

    • मंत्रालयों के बीच समयसीमा और परियोजनाओं का समन्वय बढ़ा, जिससे कार्यान्वयन में तेजी और पारदर्शिता आई।

  4. लॉजिस्टिक्स दक्षता:

    • योजना के तहत माल परिवहन की लागत और समय में कमी।

    • भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ी और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को सशक्त समर्थन।

  5. तेज़ मंज़ूरियाँ:

    • डेटा साझेदारी और विभागीय तालमेल से परियोजनाओं की मंज़ूरी और पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ तेजी से मिलीं।


महत्व और रणनीतिक प्रभाव

PM GatiShakti केवल अवसंरचना परियोजनाओं की योजना नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक और लॉजिस्टिक्स लक्ष्यों के अनुरूप रणनीतिक संरेखण का प्रतीक है।

  • वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा: भारत की वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा में सुधार।

  • औद्योगिक समर्थन: पीएम मित्रा वस्त्र पार्क, रक्षा औद्योगिक गलियारे और लॉजिस्टिक्स पार्क जैसी पहलों को मज़बूत अवसंरचना से जोड़ना।

  • समग्र आर्थिक विकास: ‘मेक इन इंडिया’, रोजगार सृजन और निवेश आकर्षण को बढ़ावा।


स्थिर तथ्य

बिंदु विवरण
लॉन्च तिथि 13 अक्टूबर 2021
लॉन्चकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मुख्य उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी आधारित अवसंरचना योजना
शामिल इकाइयाँ 44 केंद्रीय मंत्रालय, 36 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश
प्रयुक्त तकनीक GIS-आधारित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म
संबद्ध नीतियाँ राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, भारतमाला, सागरमाला, उड़ान मिशन

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