PM Kisan योजना की 22वीं किस्त जारी, करोड़ों किसानों के खातों में पहुँची राशि
PM Kisan योजना की 22वीं किस्त जारी, करोड़ों किसानों के खातों में पहुँची राशि

PM Kisan योजना की 22वीं किस्त जारी, करोड़ों किसानों के खातों में पहुँची राशि

केंद्र सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ी राहत देते हुए Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी है। इस किस्त के तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में 2,000 की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई, जिससे किसानों को बिना किसी बिचौलिये के आर्थिक सहायता प्राप्त होती है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने असम के Guwahati से इस किस्त को जारी किया। इस बार देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को इसका लाभ मिला है। सरकार ने इस किस्त के तहत लगभग 18,600 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की है।

यह पहल किसानों की आय को सहारा देने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार के महत्वपूर्ण कदमों में से एक मानी जाती है।


क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार की एक प्रमुख कृषि सहायता योजना है, जिसे फरवरी 2019 में शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी कृषि जरूरतों और घरेलू खर्चों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें।

इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि 2,000 की तीन समान किस्तों में दी जाती है और सीधे किसानों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में आर्थिक सहायता देना है। साथ ही यह किसानों की आय में स्थिरता लाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी मदद करती है।


22वीं किस्त से कितने किसानों को मिला लाभ?

सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, PM-Kisan योजना की 22वीं किस्त का लाभ देशभर के 9 करोड़ 32 लाख से अधिक पात्र किसानों को मिला है।

इस किस्त के तहत प्रत्येक लाभार्थी किसान के बैंक खाते में 2,000 की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। यह पूरी प्रक्रिया DBT प्रणाली के माध्यम से की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है।

सरकार के अनुसार, इस योजना के माध्यम से किसानों तक वित्तीय सहायता सीधे और तेजी से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उन्हें समय पर आर्थिक मदद मिल सके।


पिछली किस्तों की जानकारी

PM-Kisan योजना के तहत सरकार नियमित अंतराल पर किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती रही है। हाल के महीनों में भी कई किस्तें जारी की गई थीं।

  • फरवरी 2025 में लगभग 22,000 करोड़ की 19वीं किस्त जारी की गई, जिससे करीब 9.8 करोड़ किसानों को लाभ मिला।

  • अगस्त 2025 में लगभग 20,500 करोड़ की 20वीं किस्त जारी की गई, जिसका लाभ लगभग 9.7 करोड़ किसानों को मिला।

  • नवंबर 2025 में लगभग 18,000 करोड़ की 21वीं किस्त जारी की गई, जिससे करीब 9 करोड़ किसानों को सहायता मिली।

अब 22वीं किस्त जारी होने के साथ ही यह योजना लगातार किसानों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


अब तक कितनी राशि किसानों को मिल चुकी है?

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan के अनुसार, फरवरी 2019 में योजना शुरू होने के बाद से अब तक किसानों के खातों में 4.09 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।

22वीं किस्त जारी होने के बाद यह कुल राशि बढ़कर 4.27 लाख करोड़ से अधिक हो गई है।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि PM-Kisan योजना देश के किसानों के लिए सबसे बड़े प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण कार्यक्रमों में से एक बन चुकी है।


तीन समान किस्तों में मिलती है राशि

PM-Kisan योजना के तहत किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। हर चार महीने के अंतराल पर किसानों के बैंक खातों में 2,000 की राशि भेजी जाती है।

यह राशि किसानों को कृषि से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद करती है। उदाहरण के लिए किसान इस पैसे का उपयोग बीज, खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण या अन्य आवश्यकताओं के लिए कर सकते हैं।

इस योजना के कारण कई छोटे और सीमांत किसानों को खेती के शुरुआती खर्चों को पूरा करने में सहायता मिली है।


किसानों के लिए योजना का महत्व

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। भारत की बड़ी आबादी आज भी खेती पर निर्भर है, और ऐसे में किसानों को आर्थिक सहयोग प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है।

यह योजना केवल किसानों की आय को सहारा देती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करती है। नियमित वित्तीय सहायता मिलने से किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में आसानी होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएँ किसानों की आर्थिक सुरक्षा को बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को स्थिर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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