रमेश कुमार जुनेजा ने काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन का पदभार संभाला
रमेश कुमार जुनेजा ने काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन का पदभार संभाला

रमेश कुमार जुनेजा ने काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन का पदभार संभाला

भारत के चमड़ा निर्यात (Leather Exports) क्षेत्र को ऐसे समय में नया नेतृत्व मिला है, जब वैश्विक व्यापार चुनौतियों और अवसरों—दोनों से गुजर रहा है। उद्योग जगत के वरिष्ठ और अनुभवी नेता रमेश कुमार जुनेजा ने Council for Leather Exports (CLE) के चेयरमैन के रूप में पदभार संभाल लिया है। उनके व्यापक उद्योग अनुभव और लंबे संस्थागत जुड़ाव को देखते हुए यह नियुक्ति भारतीय चमड़ा उद्योग के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में बदलाव, सस्टेनेबिलिटी मानकों की सख्ती और नए बाजारों की खोज के दौर में यह नेतृत्व भारत की स्थिति को और मजबूत करने में सहायक हो सकता है।


क्यों खबरों में है?

रमेश कुमार जुनेजा ने चेन्नई में आयोजित काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स की समिति प्रशासन की 184वीं बैठक के दौरान औपचारिक रूप से चेयरमैन का कार्यभार संभाला। इस बैठक में उद्योग से जुड़े वरिष्ठ प्रतिनिधि, निर्यातक और परिषद के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यह बदलाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि CLE ऐसे समय में नेतृत्व परिवर्तन से गुजर रही है, जब भारतीय चमड़ा उद्योग को:

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा

  • पर्यावरणीय और सामाजिक मानकों

  • बाजार विविधीकरण
    जैसी जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।


काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स (CLE) के बारे में

काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स, भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रायोजित एक प्रमुख निर्यात संवर्धन परिषद है। यह संस्था भारतीय चमड़ा उद्योग की वैश्विक पहचान बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाती है।

CLE के प्रमुख कार्य हैं:

  • भारतीय चमड़ा, फुटवियर और चमड़ा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना

  • वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों का प्रचार-प्रसार

  • निर्यातकों को नीतिगत मार्गदर्शन और व्यापार सुविधा प्रदान करना

  • अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और भारतीय उत्पादकों के बीच सेतु का काम करना

CLE नीति समर्थन, बाजार विकास और व्यापार प्रतिनिधित्व के माध्यम से भारतीय चमड़ा उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करती है।


रमेश कुमार जुनेजा का पेशेवर सफर

रमेश कुमार जुनेजा का चमड़ा उद्योग से जुड़ाव चार दशकों से अधिक का है। वे JC ग्रुप के संस्थापक हैं और 1980 के दशक में उन शुरुआती भारतीय उद्योग नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय रिटेलर्स के साथ सीधा सहयोग मॉडल अपनाया।

उनके करियर की कुछ प्रमुख विशेषताएँ:

  • वैश्विक ब्रांड्स के साथ दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी

  • फिनिश्ड लेदर के नामित टैनर (Nominated Tanner) बनने का मॉडल अपनाना

  • भारतीय चमड़े को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में पहचान और विश्वसनीयता दिलाना

इस मॉडल ने भारतीय चमड़ा उद्योग को कच्चे माल से आगे बढ़ाकर मूल्य संवर्धित (Value-Added) उत्पादों की दिशा में ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


CLE के साथ लंबा और गहरा जुड़ाव

रमेश कुमार जुनेजा का CLE के साथ संबंध नया नहीं है। वे पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से परिषद से जुड़े हुए हैं। उनका संस्थागत सफर इस प्रकार रहा है:

  • 2014 से CLE के ईस्टर्न रीजन के रीजनल चेयरमैन

  • अप्रैल 2024 में CLE के वाइस चेयरमैन

  • 2026 में CLE के चेयरमैन का दायित्व

यह लंबा जुड़ाव उन्हें परिषद की कार्यप्रणाली, उद्योग की जमीनी चुनौतियों और नीतिगत ढांचे की गहरी समझ प्रदान करता है। यही कारण है कि उनसे निरंतरता और व्यावहारिक नेतृत्व की अपेक्षा की जा रही है।


भारतीय चमड़ा उद्योग के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति?

चमड़ा उद्योग भारत में:

  • लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है

  • MSME आधारित निर्यात संरचना का एक प्रमुख स्तंभ है

  • निर्यात आय का महत्वपूर्ण स्रोत है

हालांकि, हाल के वर्षों में इस क्षेत्र को:

  • सस्टेनेबिलिटी और ESG मानकों

  • वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव

  • लागत और प्रतिस्पर्धा
    जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

ऐसे में CLE का मजबूत और अनुभवी नेतृत्व उद्योग को नीतिगत स्पष्टता, बाजार विविधीकरण और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।


नए चेयरमैन से क्या अपेक्षाएँ?

रमेश कुमार जुनेजा के नेतृत्व में CLE से निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की उम्मीद की जा रही है:

  • मूल्य संवर्धित और डिजाइन-आधारित उत्पादों को बढ़ावा

  • यूरोप और अमेरिका के साथ-साथ नए उभरते बाजारों में निर्यात विस्तार

  • पर्यावरण-अनुकूल और सस्टेनेबल उत्पादन पद्धतियों को प्रोत्साहन

  • MSME निर्यातकों को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ना

  • सरकार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय

इन प्रयासों से भारतीय चमड़ा उद्योग को भविष्य-तैयार और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।

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