भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में नेतृत्व स्थिरता और नियामकीय भरोसे का मजबूत संकेत देते हुए AU Small Finance Bank ने घोषणा की है कि Reserve Bank of India ने Sanjay Agarwal को प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में तीन वर्षों के लिए पुनर्नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
उनका नया कार्यकाल 19 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2029 तक प्रभावी रहेगा। यह फैसला ऐसे समय आया है जब AU Small Finance Bank न केवल तेज़ी से विस्तार कर रहा है, बल्कि भारत के स्मॉल फाइनेंस बैंकिंग सेक्टर में एक मजबूत और भरोसेमंद संस्थान के रूप में उभर चुका है।
RBI की मंजूरी क्यों है इतनी अहम?
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किसी बैंक के शीर्ष नेतृत्व को कार्यकाल विस्तार देना केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं होती। यह उस बैंक की:
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वित्तीय स्थिरता
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जोखिम प्रबंधन
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नियामकीय अनुपालन
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प्रशासनिक पारदर्शिता
पर सीधा भरोसा दर्शाता है।
संजय अग्रवाल को लगातार तीसरी बार यह स्वीकृति मिलना यह साबित करता है कि AU Small Finance Bank का संचालन और विकास रणनीति RBI के मानकों पर पूरी तरह खरी उतर रही है।
पुनर्नियुक्ति से जुड़े प्रमुख तथ्य
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नियुक्त व्यक्ति: संजय अग्रवाल
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पद: प्रबंध निदेशक एवं CEO
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कार्यकाल: 3 वर्ष (19 अप्रैल 2026 – 18 अप्रैल 2029)
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नियामक स्वीकृति: RBI
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पहले से मंजूरी:
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निदेशक मंडल — 17 अक्टूबर 2025
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शेयरधारक — 26 दिसंबर 2025
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2017 में AU को स्मॉल फाइनेंस बैंक में रूपांतरित किए जाने के बाद यह उनका तीसरा लगातार कार्यकाल है जिसे RBI की मंजूरी मिली है।
संजय अग्रवाल की नेतृत्व यात्रा
संजय अग्रवाल का AU समूह के साथ सफर लगभग दो दशकों का रहा है:
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14 फरवरी 2008: AU फाइनैंसियर्स के MD बने
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19 अप्रैल 2017: AU Small Finance Bank के MD & CEO बने
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वर्तमान कार्यकाल: 19 अप्रैल 2023 – 18 अप्रैल 2026
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नया कार्यकाल: 19 अप्रैल 2026 – 18 अप्रैल 2029
उनके नेतृत्व में बैंक ने:
✔ डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म को मज़बूत किया
✔ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन बढ़ाया
✔ रिटेल और SME लोन पोर्टफोलियो का विस्तार किया
✔ टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं को प्राथमिकता दी
रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है यह विस्तार?
AU Small Finance Bank हाल के वर्षों में स्मॉल फाइनेंस बैंकिंग सेक्टर का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। सबसे बड़ी बात यह है कि:
AU SFB पहला स्मॉल फाइनेंस बैंक बना जिसे यूनिवर्सल बैंक में बदलने के लिए RBI से सैद्धांतिक मंजूरी मिली है — वह भी एक दशक से अधिक समय बाद।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि:
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बैंक का संचालन उच्च मानकों पर है
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वित्तीय प्रदर्शन मजबूत है
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जोखिम नियंत्रण प्रभावी है
संजय अग्रवाल का विस्तार इसी दीर्घकालिक परिवर्तन रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
नियामकीय पारदर्शिता भी रही मजबूत
बैंक ने इस पुनर्नियुक्ति से जुड़ी सभी जानकारियाँ Securities and Exchange Board of India के LODR नियमों के तहत बीएसई और एनएसई को समय पर साझा कीं।
यह कदम बैंक की कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्मॉल फाइनेंस बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ा संकेत
भारत में स्मॉल फाइनेंस बैंक:
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किसानों
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छोटे व्यापारियों
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निम्न आय वर्ग
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ग्रामीण आबादी
के लिए औपचारिक बैंकिंग की रीढ़ बन चुके हैं।
RBI द्वारा संजय अग्रवाल को लगातार तीसरा कार्यकाल मिलना यह संदेश देता है कि:
स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता मिलेगी
जिम्मेदार बैंकिंग मॉडल को समर्थन मिलेगा
दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा
परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बिंदु
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RBI ने संजय अग्रवाल को MD-CEO पद पर 3 साल का विस्तार दिया
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नया कार्यकाल: 19 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2029
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बैंक में रूपांतरण के बाद तीसरा लगातार कार्यकाल
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AU SFB को यूनिवर्सल बैंक बनने की सैद्धांतिक मंजूरी
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निर्णय से नेतृत्व स्थिरता और सेक्टर ग्रोथ को बल

