भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) 13 सितंबर 2025 को भारत रत्न और असम के महान गायक, कवि तथा सांस्कृतिक प्रतीक डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी पर विशेष ₹100 का स्मारक सिक्का जारी करेगा। यह आयोजन गुवाहाटी में एक भव्य सार्वजनिक समारोह के दौरान होगा, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिक्के का औपचारिक विमोचन करेंगे। इस अवसर को भारत की सांस्कृतिक धरोहर और संगीत परंपरा के लिए ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है, क्योंकि हजारिका का जीवन और योगदान केवल असम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने पूरे भारत और विश्व को अपनी कला से प्रभावित किया।
गुवाहाटी में भव्य समारोह
यह समारोह खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। अनुमान है कि इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग भाग लेंगे। आयोजन के दौरान न केवल सिक्के का विमोचन होगा, बल्कि असम प्रकाशन बोर्ड द्वारा प्रकाशित भूपेन हजारिका की विस्तृत जीवनी का भी लोकार्पण किया जाएगा। खास बात यह है कि इस जीवनी का अनुवाद कई भारतीय भाषाओं में किया जाएगा ताकि उनके जीवन, विचार और संदेश पूरे देश में अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सकें।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस जीवनी को “विद्वत्तापूर्ण शोध और भावनात्मक कथन का संगम” बताया है। उनका मानना है कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए भूपेन हजारिका की सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर को समझने का प्रमुख स्रोत बनेगी।
वर्षभर का शताब्दी समारोह
भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी का उत्सव 8 सितंबर 2025 से शुरू हो चुका है। यह उत्सव पूरे एक साल तक चलेगा और 8 सितंबर 2026 को भारत के राष्ट्रपति की उपस्थिति में आयोजित भव्य समापन समारोह के साथ समाप्त होगा।
इस दौरान देशभर में विभिन्न सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय जैसे सांस्कृतिक और राजनीतिक केंद्रों में विशेष आयोजन होंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य हजारिका के विचारों और संगीत को व्यापक स्तर पर प्रसारित करना और युवा पीढ़ी को उनकी अमर धरोहर से जोड़ना है।
सांस्कृतिक धरोहर और स्मारक परियोजनाएँ
शताब्दी वर्ष के अवसर पर असम सरकार और केंद्र सरकार की ओर से कई स्मृति-परियोजनाएँ भी शुरू की जा रही हैं।
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जालुकबाड़ी स्मारक स्थल का नाम परिवर्तन – जालुकबाड़ी स्थित भूपेन हजारिका स्मारक स्थल का नाम बदलकर “भूपेन हजारिका समन्वय तीर्थ” रखा जाएगा। यह नाम उनके जीवन के उस संदेश को दर्शाता है जिसमें सामंजस्य, एकता और सांस्कृतिक एकरूपता प्रमुख रही।
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विशेष संग्रहालय का निर्माण – गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में एक स्थायी संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। यहाँ भूपेन हजारिका की निजी वस्तुएँ, पांडुलिपियाँ, संगीत रचनाएँ और प्राप्त पुरस्कार संरक्षित किए जाएँगे। यह संग्रहालय भविष्य में शोधकर्ताओं, कलाकारों और आम जनता के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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बीहू उत्सवों में विशेष संध्या – असम की सभी बीहू समितियों से अपील की गई है कि वे अपने उत्सवों में एक संध्या भूपेन हजारिका की स्मृति और विरासत को समर्पित करें। इससे ग्रामीण और शहरी स्तर पर उनकी लोकप्रियता और संदेश और भी व्यापक स्तर पर पहुँच पाएँगे।
हजारिका का जीवन और प्रेरणा
1926 में जन्मे डॉ. भूपेन हजारिका सिर्फ एक गायक नहीं थे, बल्कि एक बहुमुखी व्यक्तित्व थे। वे कवि, गीतकार, संगीतकार, फिल्म निर्माता, लेखक और समाज सुधारक भी थे। उनके गीतों और रचनाओं में सामाजिक न्याय, भाषाई गौरव और मानव गरिमा का संदेश प्रमुखता से झलकता है।
असम की लोकधुनों और संस्कृति को उन्होंने आधुनिक संगीत के साथ जोड़कर उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके गीतों ने पूर्वोत्तर भारत की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाया और राष्ट्रीय एकता के भाव को मजबूत किया।
उनका संदेश समय और सीमाओं से परे था। वे मानते थे कि संगीत और कला मानवता को जोड़ने का सबसे बड़ा साधन हैं। इसी कारण उन्हें असम का “संगीत सम्राट” भी कहा जाता है।
2019 में उन्हें मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके जीवनभर के योगदान और भारतीय कला-संस्कृति पर उनके गहरे प्रभाव की आधिकारिक मान्यता है।
परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु
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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) 13 सितंबर 2025 को ₹100 का स्मारक सिक्का जारी करेगा।
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यह सिक्का असम के महान गायक और सांस्कृतिक प्रतीक डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी को समर्पित है।
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समारोह गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिक्के का अनावरण करेंगे और असम प्रकाशन बोर्ड की जीवनी का विमोचन भी होगा।
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वर्षभर चलने वाला शताब्दी समारोह 8 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति की उपस्थिति में समाप्त होगा।
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जालुकबाड़ी स्मारक स्थल का नाम बदलकर भूपेन हजारिका समन्वय तीर्थ रखा जाएगा।
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गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में संग्रहालय का निर्माण होगा।

