भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम (RBI Integrated Ombudsman Scheme – RB-IOS) की वार्षिक रिपोर्ट 2024–25 जारी कर दी है। यह रिपोर्ट देश में बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं से जुड़ी शिकायत निवारण प्रणाली में हुए सुधारों, बढ़ती प्रवृत्तियों और भविष्य के दिशा-निर्देशों को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
RB-IOS ग्राहकों को एक統ीकृत, निःशुल्क और पारदर्शी शिकायत निवारण प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करता है। यदि किसी ग्राहक की शिकायत बैंक, NBFC, भुगतान सेवा प्रदाता (PSP) या क्रेडिट सूचना कंपनी (CIC) द्वारा समय पर या उचित रूप से हल नहीं की जाती, तो वह इस स्कीम के तहत RBI के पास शिकायत दर्ज कर सकता है।
RB-IOS: कवरेज और संरचना
यह स्कीम देशभर में संचालित होती है और इसमें कई संस्थागत इकाइयाँ शामिल हैं:
मुख्य कार्यान्वयन इकाइयाँ
-
24 ओम्बड्समैन कार्यालय (ORBIOs)
-
सेंट्रलाइज्ड रिसीट एंड प्रोसेसिंग सेंटर (CRPC), चंडीगढ़
-
राष्ट्रीय शिकायत हेल्पलाइन: 14448
किन संस्थाओं पर लागू?
-
सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक
-
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs)
-
निर्धारित मानकों वाले शहरी सहकारी बैंक (UCBs)
-
जमा स्वीकार करने वाले और ग्राहक इंटरफ़ेस वाले NBFCs
-
भुगतान प्रणाली प्रतिभागी (PSPs/NBPSPs)
-
क्रेडिट सूचना कंपनियाँ (CICs)
इस व्यापक कवरेज के कारण भारत में एक “वन नेशन–वन ओम्बड्समैन” मॉडल प्रभावी रूप से लागू हो रहा है।
शिकायतों के रुझान (Trends)
कुल शिकायतें
-
2024–25 में दर्ज कुल शिकायतें: 13.34 लाख
-
2023–24 की 11.75 लाख शिकायतों की तुलना में 13.55% वृद्धि
कहाँ निपटाई गईं?
-
CRPC द्वारा: 9.11 लाख
-
ओम्बड्समैन कार्यालयों द्वारा: 2.96 लाख
बैंक सेवाओं में सुधार
प्रति लाख बैंक खातों पर शिकायतें:
-
2023–24: 8.9
-
2024–25: 7.7
इसे बैंक सेवा गुणवत्ता में सुधार का संकेत माना गया है।
शिकायतें किसके खिलाफ सबसे अधिक?
संस्थान-वार वितरण
-
बैंक – 81.53%
-
NBFCs – 14.80%
मुख्य रुझान
-
निजी क्षेत्र के बैंकों के विरुद्ध शिकायतें सार्वजनिक बैंकों से अधिक
-
स्मॉल फाइनेंस बैंकों में शिकायतें करीब 42% बढ़ीं
सबसे ज्यादा शिकायतें किन मुद्दों पर?
पाँच श्रेणियों में 86% से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं:
-
लोन/एडवांस – 29.25%
-
क्रेडिट कार्ड – सबसे तेज़ वृद्धि (~20%)
-
मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग
-
डिपॉज़िट अकाउंट समस्याएँ
-
ATM/डेबिट कार्ड मुद्दे
एक सकारात्मक संकेत: डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी शिकायतें 12.74% घटीं, जो तकनीकी और सुरक्षा सुधार को दर्शाती हैं।
शिकायत समाधान (Resolution Statistics)
कुल निपटान
-
कुल निपटाई गई शिकायतें: 2.90 लाख
-
निपटान दर: 93.07%
निपटान का प्रकार
-
योग्य शिकायतें (Maintainable): 62.16%
-
इनमे से 51.91% सुलह/मध्यस्थता से हल
-
43.36% शिकायतें जांच के बाद अस्वीकार
-
सिर्फ 36 मामलों में औपचारिक Award जारी हुआ
-
4.71% शिकायतें ग्राहक द्वारा वापस ली गईं
गैर-योग्य शिकायतें (Non-Maintainable)
कुल 1.09 लाख से अधिक शिकायतें गैर-योग्य घोषित हुईं। मुख्य कारण:
-
बैंक से पहले संपर्क न करना (First Resort Rule)
-
डुप्लीकेट शिकायतें
-
अधूरी जानकारी
-
पहले से निपटी शिकायत
-
RBI के अधिकार क्षेत्र से बाहर के विषय
अपीलें (Appeals)
-
कुल अपीलें: 104
-
अधिकांश अपीलें शिकायतकर्ताओं की ओर से
RBI के परिचालन सुधार (Operational Improvements)
1. लागत दक्षता
-
प्रति शिकायत समाधान लागत ₹1,732 से घटकर ₹1,582
2. नेशनल कॉन्टैक्ट सेंटर का विस्तार
-
कुल कॉल: 9.27 लाख (29% वृद्धि)
-
12 क्षेत्रीय भाषाओं में सेवाएँ
-
स्टाफ और कार्य-समय दोनों बढ़ाए गए
RBI की उपभोक्ता संरक्षण पहलें
इस वर्ष RBI ने कई महत्वपूर्ण उपभोक्ता-सुरक्षा सुधार लागू किए:
-
वॉयस/SMS फ्रॉड और “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम पर एडवाइजरी
-
व्यापक उपभोक्ता अधिकार जागरूकता अभियान
-
लोन के लिए Key Fact Statement (KFS) को सख्त बनाया
-
MSME ऋण स्वीकृति अधिकतम 14 दिन
-
सरल KYC, CKYCR आधारित सत्यापन
-
बिना गारंटी कृषि ऋण सीमा 2 लाख रुपये
-
ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता जागरूकता सर्वे
-
शिकायत निवारण में कमजोर बैंकों पर दंडात्मक कार्रवाई
आगे की राह (2025–26)
RBI उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण विभाग निम्न सुधारों पर काम करेगा:
-
RB-IOS की व्यापक समीक्षा
-
बैंकों/NBFCs में आंतरिक शिकायत निपटान सुधार
-
शिकायत निवारण पर नई मास्टर डायरेक्शन
-
Complaint Management System (CMS) का उन्नत AI-संचालित संस्करण

