केंद्र सरकार ने देश के भ्रष्टाचार-रोधी तंत्र को और अधिक सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रवीण वशिष्ठ को केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में सतर्कता आयुक्त (Vigilance Commissioner) नियुक्त किया गया है। उन्होंने 16 जनवरी 2026 को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखे हुए है।
क्यों चर्चा में है यह नियुक्ति?
भारत के राष्ट्रपति ने केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के तहत प्रवीण वशिष्ठ को सतर्कता आयुक्त नियुक्त किया है। यह पद देश की सर्वोच्च सतर्कता संस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि CVC केंद्र सरकार के विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), बैंकों और अन्य केंद्रीय संस्थानों में सतर्कता व्यवस्था की निगरानी करता है।
इस नियुक्ति को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि प्रवीण वशिष्ठ का प्रशासनिक और पुलिस सेवा का अनुभव तीन दशकों से अधिक का है, जो आयोग के कामकाज को और अधिक प्रभावी बना सकता है।
नियुक्ति और शपथ ग्रहण समारोह
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प्रवीण वशिष्ठ की नियुक्ति 12 दिसंबर 2025 को जारी राष्ट्रपति वारंट के माध्यम से की गई।
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यह नियुक्ति CVC अधिनियम, 2003 की धारा 4(1) के अंतर्गत की गई है।
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उन्होंने 16 जनवरी 2026 को केंद्रीय सतर्कता आयोग के समक्ष अपने पद की शपथ ली।
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शपथ केंद्रीय सतर्कता आयुक्त द्वारा दिलाई गई, जिन्हें राष्ट्रपति ने धारा 5(3) के तहत अधिकृत किया था।
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शपथ ग्रहण समारोह में सतर्कता और प्रवर्तन एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह समारोह प्रशासनिक दृष्टि से इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि यह CVC की संस्थागत निरंतरता और स्वायत्तता को दर्शाता है।
प्रवीण वशिष्ठ के बारे में
प्रवीण वशिष्ठ 1991 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और बिहार कैडर से संबंध रखते हैं। उनके पास पुलिसिंग और प्रशासन का विविध और गहन अनुभव है।
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उन्होंने कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, संकट प्रबंधन और आर्थिक अपराधों की जांच जैसे क्षेत्रों में कार्य किया है।
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तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने जमीनी स्तर से लेकर नीति निर्माण तक की जिम्मेदारियां संभाली हैं।
उनकी यह बहुआयामी पृष्ठभूमि उन्हें CVC जैसे संवेदनशील संस्थान के लिए उपयुक्त बनाती है।
राज्य स्तर पर पुलिसिंग और जांच का अनुभव
बिहार में अपनी सेवा के दौरान प्रवीण वशिष्ठ ने कई अहम पदों पर कार्य किया:
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वे आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और आपराधिक जांच विभाग (CID) के महानिरीक्षक (IG) रहे।
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पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में उन्होंने रांची, दुमका और गढ़वा जैसे संवेदनशील जिलों में कानून-व्यवस्था संभाली।
इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में भी SP और DIG के रूप में कार्य किया, जहां उन्हें जटिल और उच्च-प्रोफ़ाइल मामलों की जांच का गहरा अनुभव प्राप्त हुआ। यह अनुभव सतर्कता आयुक्त के रूप में उनके निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
केंद्र सरकार में प्रमुख भूमिकाएँ
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान प्रवीण वशिष्ठ ने गृह मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं:
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संयुक्त सचिव
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अपर सचिव
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विशेष कार्य अधिकारी (OSD)
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विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा)
इन भूमिकाओं में वे राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, आंतरिक सुरक्षा प्रबंधन और केंद्र–राज्य समन्वय से जुड़े अहम निर्णयों का हिस्सा रहे। इससे उन्हें प्रशासनिक तंत्र की गहरी समझ और रणनीतिक दृष्टि प्राप्त हुई।
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC): भूमिका और महत्व
केंद्रीय सतर्कता आयोग भारत की सर्वोच्च सतर्कता एवं ईमानदारी से जुड़ी संस्था है। इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं:
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केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले संगठनों की सतर्कता व्यवस्था पर अधीक्षण
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पूर्ण स्वतंत्रता और स्वायत्तता
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किसी मंत्रालय या विभाग के नियंत्रण में नहीं
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संसद के प्रति उत्तरदायी
पृष्ठभूमि
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स्थापना: 1964
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भ्रष्टाचार निवारण समिति (अध्यक्ष: के. संथानम) की सिफारिशों पर आधारित
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केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 द्वारा वैधानिक दर्जा
संरचना
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1 केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (अध्यक्ष)
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अधिकतम 2 सतर्कता आयुक्त (सदस्य)
अधिकार और कार्य
CVC को जांच के दौरान सिविल कोर्ट जैसे अधिकार प्राप्त हैं, जिनमें:
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व्यक्तियों को समन जारी करना
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गवाहों की जांच
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दस्तावेजों की मांग
इसके कार्यों में शामिल हैं:
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केंद्र सरकार के कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार मामलों में CBI पर अधीक्षण
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सतर्कता मामलों में सरकार और प्राधिकरणों को सलाह देना
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हालांकि CVC की सलाह बाध्यकारी नहीं होती, लेकिन यदि उसे स्वीकार न किया जाए तो कारण बताना अनिवार्य होता है।

