ग्लोबल पीस इंडेक्स (Global Peace Index – GPI) 2025 जारी कर दिया गया है और इसमें सिंगापुर को एशिया का सबसे सुरक्षित देश घोषित किया गया है। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर ने छठा स्थान हासिल किया है। यह रिपोर्ट इंस्टिट्यूट फॉर इकनॉमिक्स एंड पीस (IEP) द्वारा जारी की जाती है, जिसमें 163 देशों का मूल्यांकन सुरक्षा, संघर्ष और सैन्यकरण जैसे मानकों पर किया जाता है।
हालांकि सिंगापुर पिछले वर्ष की तुलना में एक पायदान नीचे आया है, लेकिन उसका शांति स्कोर बेहतर हुआ है, जो दर्शाता है कि देश सामाजिक स्थिरता और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत बनाने में लगातार सफल हो रहा है।
वैश्विक शांति सूचकांक 2025: मुख्य बातें
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सिंगापुर का स्कोर: 1.357 (2024 में 1.339)
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सबसे शांतिपूर्ण देश: आइसलैंड (Iceland) – 1.095 (लगातार प्रथम स्थान पर)
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भारत की स्थिति: 115वां स्थान, स्कोर 2.229 (2024 जैसा ही)
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कुल मूल्यांकन किए गए देश: 163
GPI किन मानकों पर आधारित है?
ग्लोबल पीस इंडेक्स 2025 कुल 23 संकेतकों पर आधारित है। इन संकेतकों को तीन मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है:
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सामाजिक सुरक्षा और संरक्षा (Societal Safety & Security) – इसमें अपराध दर, राजनीतिक अस्थिरता, आतंकवाद का स्तर और लोगों की व्यक्तिगत सुरक्षा को मापा जाता है।
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घरेलू व अंतरराष्ट्रीय संघर्ष (Ongoing Domestic & International Conflict) – इसमें युद्ध, सीमा विवाद, आतंकवाद और हिंसक झड़पों को शामिल किया जाता है।
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सैन्यीकरण का स्तर (Militarisation) – इसमें रक्षा खर्च, हथियारों का आयात-निर्यात और सेना के आकार जैसे पहलू शामिल होते हैं।
एशिया के सबसे शांतिपूर्ण 10 देश (2025)
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सिंगापुर – 1.357
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जापान – 1.440
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मलेशिया – 1.469
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भूटान – 1.536
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मंगोलिया – 1.719
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वियतनाम – 1.721
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ताइवान – 1.730
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दक्षिण कोरिया – 1.736
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तिमोर-लेस्ते – 1.758
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लाओस – 1.783
इन देशों के शीर्ष पर रहने के पीछे कई कारण हैं:
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क्षेत्रीय स्थिरता
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कम अपराध दर
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प्रभावी शासन व्यवस्था
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अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से दूरी
दुनिया के 10 सबसे शांतिपूर्ण देश (2025)
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आइसलैंड – 1.095
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आयरलैंड – 1.260
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न्यूज़ीलैंड – 1.282
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ऑस्ट्रिया – 1.294
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स्विट्ज़रलैंड – 1.294
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सिंगापुर – 1.357
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पुर्तगाल – 1.371
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डेनमार्क – 1.393
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स्लोवेनिया – 1.409
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फ़िनलैंड – 1.420
इन देशों की खासियत यह है कि यहाँ:
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हिंसा और अपराध का स्तर बेहद कम है
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राजनीतिक स्थिरता बनी रहती है
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सैन्यकरण पर कम खर्च किया जाता है
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लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून का मजबूत पालन होता है
भारत की स्थिति
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रैंक: 115वां (163 देशों में)
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स्कोर: 2.229 (2024 जैसा ही)
भारत की स्थिति पिछले वर्ष की तरह ही बनी हुई है। भारत का शांति स्कोर बताता है कि यहाँ आंतरिक सुरक्षा चुनौतियाँ और सीमा पर तनाव अब भी प्रमुख मुद्दे हैं।
भारत की रैंकिंग को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक:
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आंतरिक सुरक्षा चुनौतियाँ – कुछ राज्यों में नक्सलवाद और अलगाववादी गतिविधियाँ अब भी चिंता का विषय हैं।
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सीमा पर तनाव – पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर समय-समय पर तनाव की स्थिति रहती है।
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शहरी सुरक्षा की चिंताएँ – बड़े शहरों में अपराध दर और भीड़भाड़ से जुड़ी समस्याएँ अब भी चुनौती बनी हुई हैं।
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कानून-व्यवस्था का असमान प्रभाव – ग्रामीण और शहरी इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति में अंतर देखने को मिलता है।
हालांकि भारत ने आर्थिक विकास, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक प्रभाव में लगातार सुधार किया है, लेकिन सुरक्षा और शासन से जुड़ी चुनौतियाँ उसकी शांति रैंकिंग को प्रभावित करती रहती हैं।
सिंगापुर क्यों है शीर्ष पर?
सिंगापुर का वैश्विक स्तर पर 6ठा और एशिया में पहला स्थान हासिल करना कई कारणों से महत्वपूर्ण है:
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अत्यधिक सुरक्षित वातावरण: अपराध दर बेहद कम है।
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सख्त कानून व्यवस्था: कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी सज़ा।
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राजनीतिक स्थिरता: स्थिर और पारदर्शी शासन व्यवस्था।
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सामाजिक सद्भावना: बहुसांस्कृतिक समाज होने के बावजूद शांति और सामंजस्य।
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मजबूत आर्थिक स्थिति: आर्थिक समृद्धि से सामाजिक तनाव भी कम होता है।
वैश्विक महत्व
ग्लोबल पीस इंडेक्स का महत्व केवल यह दिखाने तक सीमित नहीं है कि कौन सा देश कितना सुरक्षित है। यह रिपोर्ट देशों को यह समझने का अवसर देती है कि कहाँ सुधार की आवश्यकता है और किस प्रकार की नीतियाँ शांति और स्थिरता को बढ़ावा देती हैं।
भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश के लिए यह रिपोर्ट संकेत देती है कि यदि सुरक्षा और शासन में सुधार किया जाए, तो वैश्विक स्तर पर उसकी स्थिति बेहतर हो सकती है।

