भारत के उभरते वैश्विक वित्तीय केंद्र के लिए एक अहम नेतृत्व परिवर्तन सामने आया है। Government of Gujarat ने देश के दिग्गज बैंकर और Kotak Mahindra Bank के संस्थापक Uday Kotak को गांधीनगर स्थित GIFT City का नया चेयरमैन नियुक्त किया है।
उन्होंने पूर्व नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन Hasmukh Adhia की जगह ली है। इस नियुक्ति का आधिकारिक आदेश राज्य सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी किया गया है।
यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं में अपनी मौजूदगी को तेज़ी से मजबूत कर रहा है।
क्या है GIFT City और क्यों है यह खास?
GIFT City भारत का पहला पूरी तरह परिचालन (Operational) स्मार्ट सिटी है और साथ ही देश का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) भी। इसे एक ऐसे वैश्विक वित्तीय हब के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ विदेशी बैंक, बीमा कंपनियाँ, निवेश फंड और फिनटेक संस्थान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेवाएँ दे सकें।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना Narendra Modi ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए की थी, ताकि भारत को वैश्विक वित्तीय मानचित्र पर एक नई पहचान मिल सके।
आज GIFT City धीरे-धीरे एशिया के उभरते वित्तीय केंद्रों में अपनी जगह बना रहा है।
GIFT City की मौजूदा ताकत एक नज़र में
GIFT City अब केवल एक महत्वाकांक्षी योजना नहीं, बल्कि एक तेजी से बढ़ता वित्तीय इकोसिस्टम बन चुका है:
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बैंकिंग परिसंपत्तियाँ: 100.14 अरब डॉलर से अधिक
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संचयी बैंकिंग लेनदेन: 142.98 अरब डॉलर
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35 IFSC बैंकिंग इकाइयाँ सक्रिय रूप से कार्यरत
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जिनमें कोटक महिंद्रा बैंक जैसी बड़ी संस्थाएँ भी शामिल हैं
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हाल ही में वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुति — World Economic Forum की बैठक में Davos में भागीदारी
ये आँकड़े बताते हैं कि GIFT City अब वैश्विक वित्तीय संस्थानों के लिए एक गंभीर विकल्प बनता जा रहा है।
उदय कोटक की नियुक्ति क्यों है रणनीतिक रूप से अहम?
उदय कोटक का नाम भारत के सबसे दूरदर्शी और भरोसेमंद वित्तीय नेताओं में शुमार है। उन्होंने एक छोटी वित्तीय कंपनी से कोटक महिंद्रा बैंक को देश के शीर्ष निजी बैंकों में बदल दिया।
उनके साथ GIFT City को मिलेगा:
✔ बैंकिंग और पूंजी बाजार का दशकों का अनुभव
✔ वैश्विक निवेशकों और वित्तीय संस्थानों से मजबूत नेटवर्क
✔ नियामकीय समझ और जोखिम प्रबंधन में विशेषज्ञता
✔ भारत की वित्तीय साख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने की क्षमता
विशेषज्ञ मानते हैं कि उनका नेतृत्व GIFT City को केवल एक क्षेत्रीय केंद्र नहीं, बल्कि एक वैश्विक वित्तीय गंतव्य बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
कार्यकारी या गैर-कार्यकारी भूमिका — अभी स्पष्ट नहीं
सरकार ने फिलहाल यह साफ नहीं किया है कि उदय कोटक का चेयरमैन पद कार्यकारी (Executive) होगा या गैर-कार्यकारी (Non-Executive)।
हालाँकि, चाहे भूमिका किसी भी स्वरूप की हो, उनकी रणनीतिक सोच और मार्गदर्शन GIFT City की विकास दिशा को मजबूती देने में अहम साबित होने की उम्मीद है।
हालिया नेतृत्व बदलाव भी रहे हैं अहम
GIFT City के प्रशासनिक ढाँचे को और सशक्त बनाने के लिए पिछले वर्ष जुलाई में गुजरात कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी Sanjay Kaul को इसका मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त किया गया था।
यह संकेत देता है कि सरकार GIFT City के संचालन में पेशेवर नेतृत्व और उद्योग विशेषज्ञता दोनों को साथ लेकर चलना चाहती है।
भारत के IFSC इकोसिस्टम के लिए क्या मायने रखती है यह नियुक्ति?
उदय कोटक की चेयरमैन के रूप में नियुक्ति कई बड़े संदेश देती है:
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भारत IFSC मॉडल को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना चाहता है
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अंतरराष्ट्रीय पूंजी और वित्तीय संस्थानों को आकर्षित करने पर फोकस तेज़ हो रहा है
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सरकारी परियोजनाओं में उद्योग नेतृत्व आधारित प्रशासन को बढ़ावा मिल रहा है
यह कदम सिंगापुर, दुबई और लंदन जैसे वित्तीय केंद्रों से मुकाबले की भारत की तैयारी को भी दर्शाता है।

