आयुष्मान भारत का प्रसार और 2025 में डिजिटल स्वास्थ्य सेवा का विकास
आयुष्मान भारत का प्रसार और 2025 में डिजिटल स्वास्थ्य सेवा का विकास

आयुष्मान भारत का प्रसार और 2025 में डिजिटल स्वास्थ्य सेवा का विकास

वर्ष 2025 भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ। ओडिशा और दिल्ली के आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) में शामिल होने से न केवल स्वास्थ्य बीमा कवरेज का दायरा बढ़ा, बल्कि डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्मों के तीव्र विस्तार को भी नई गति मिली। बीमा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और रोग नियंत्रण पहलों के समन्वय ने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवा वितरण को अधिक समावेशी, पारदर्शी और प्रभावी बनाया।


आयुष्मान भारत–PMJAY का प्रसार

भारत सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का 2025 में उल्लेखनीय विस्तार हुआ। इस वर्ष—

  • ओडिशा और दिल्ली ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर कर PMJAY को लागू किया

  • इसके बाद पश्चिम बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जो योजना से बाहर रहा

इस विस्तार ने भारत को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) के लक्ष्य के और करीब पहुँचा दिया।

1 दिसंबर 2025 तक की प्रमुख उपलब्धियाँ

  • 42.48 करोड़ आयुष्मान कार्ड (2018 से अब तक)

  • 10.98 करोड़ अस्पताल में भर्ती (Hospitalisations) को स्वीकृति

  • ₹1.60 लाख करोड़ से अधिक के दावों का निपटान

इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि PMJAY ने गरीब और वंचित परिवारों को कैशलेस इलाज की वास्तविक सुरक्षा प्रदान की है।


डिजिटल स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा

2025 में सरकार के लक्षित निवेश और नीति समर्थन से डिजिटल हेल्थकेयर में तेज़ प्रगति देखने को मिली। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को तेज़, कागज-रहित और इंटरऑपरेबल बनाना रहा।


ई-संजीवनी: टेलीमेडिसिन की रीढ़

डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में ई‑संजीवनी एक प्रमुख प्रेरक के रूप में उभरा।

  • अब तक 43.2 करोड़ से अधिक निःशुल्क टेली-परामर्श

  • लाभार्थियों में लगभग 57% महिलाएँ, जिससे लैंगिक समानता में सुधार

  • ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में विशेषज्ञ परामर्श की पहुँच

ई-संजीवनी ने यह साबित किया कि तकनीक के माध्यम से भौगोलिक बाधाएँ दूर की जा सकती हैं।


आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को 2025 में व्यापक स्वीकृति मिली। नागरिकों ने डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और ABHA ID को तेज़ी से अपनाया।

26 दिसंबर 2025 तक के प्रमुख आँकड़े

  • 84.35 करोड़ ABHA खाते बनाए गए

  • केवल 2025 में 12.09 करोड़ नए खाते जुड़े

  • 80.66 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड ABHA से लिंक

  • 2025 में ही 35.52 करोड़ रिकॉर्ड लिंक किए गए

यह प्रगति भारत को पेपरलेस और इंटरऑपरेबल हेल्थ सिस्टम की ओर ले जाती है, जहाँ मरीज अपनी मेडिकल जानकारी सुरक्षित रूप से डॉक्टरों से साझा कर सकते हैं।


वरिष्ठ नागरिकों के लिए कवरेज: आयुष्मान वय वंदना

अक्टूबर 2024 में सरकार ने PMJAY के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान शुरू किया—

आयुष्मान वय वंदना कार्ड

  • 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिक पात्र

  • आय की परवाह किए बिना

  • प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का निःशुल्क उपचार

2025 तक

  • 94.19 लाख वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण

इस कदम ने बुजुर्ग आबादी को स्वास्थ्य संबंधी वित्तीय सुरक्षा प्रदान की।


आयुष्मान ऐप और तकनीकी नवाचार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा विकसित आयुष्मान ऐप ने अंतिम छोर तक डिजिटल समावेशन को आसान बनाया।

ऐप की प्रमुख विशेषताएँ—

  • स्व-सत्यापन और आयुष्मान कार्ड निर्माण

  • फेस ऑथेंटिकेशन

  • OTP

  • आइरिस स्कैन

  • फिंगरप्रिंट

इससे साधारण स्मार्टफोन के माध्यम से भी नागरिक योजनाओं का लाभ उठा सके।


टीबी मुक्त भारत अभियान: उल्लेखनीय प्रगति

भारत की तपेदिक (TB) के विरुद्ध लड़ाई को वैश्विक मान्यता मिली। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2025 में भारत की प्रगति को रेखांकित किया गया।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • टीबी मामलों में 21% कमी (2015–2024)

  • टीबी से मौतों में 25% कमी

  • उपचार कवरेज 53% (2015) से बढ़कर 92% (2024)

  • छूटे मामलों की संख्या 10 लाख से घटकर <1 लाख

दिसंबर 2024 में शुरू हुआ 100-दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान 2025 में राष्ट्रव्यापी स्तर पर विस्तारित किया गया।


एआई-संचालित स्वास्थ्य सेवा सुधार

2025 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुधारों की शुरुआत की।

एआई के लिए उत्कृष्टता केंद्र

  • एम्स दिल्ली

  • पीजीआईएमईआर चंडीगढ़

  • एम्स ऋषिकेश

प्रमुख एआई टूल्स

  • ई-संजीवनी के साथ Clinical Decision Support System (CDSS)

  • एआई आधारित रोग निगरानी

  • टीबी पहचान और डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग

इनसे शीघ्र निदान, सटीकता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।


मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ओडिशा और दिल्ली 2025 में AB-PMJAY में शामिल

  • 42.48 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी

  • ई-संजीवनी से 43.2 करोड़ टेली-परामर्श

  • 84.35 करोड़ ABHA खाते

  • टीबी मामलों और मौतों में बड़ी कमी

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में AI का एकीकरण


परीक्षा-आधारित प्रश्न

प्रश्न: 2025 में आयुष्मान भारत–PMJAY में कौन से दो राज्य शामिल हुए?

A. बिहार और झारखंड
B. ओडिशा और दिल्ली (✔ सही उत्तर)
C. केरल और तमिलनाडु
D. पंजाब और हरियाणा

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