अक्टूबर 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने किशोरों में ई-सिगरेट (vaping) के बढ़ते उपयोग को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की। संगठन की पहली वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, 13 से 15 वर्ष की आयु के लगभग 1.5 करोड़ किशोर विश्वभर में ई-सिगरेट का नियमित उपयोग कर रहे हैं। WHO ने इसे युवाओं में निकोटिन की लत की वैश्विक महामारी बताया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि किशोरों में ई-सिगरेट का सेवन वयस्कों की तुलना में लगभग नौ गुना अधिक पाया गया है। इससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं में गहरी चिंता उत्पन्न हुई है। WHO की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि यह केवल एक फैशन ट्रेंड नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी में गंभीर स्वास्थ्य और लत से संबंधित जोखिम पैदा कर रहा है।
WHO की पहली वैश्विक रिपोर्ट: मुख्य निष्कर्ष
यह रिपोर्ट ई-सिगरेट उपयोग पर पहली बार व्यापक और विश्वव्यापी आंकड़े प्रस्तुत करती है। रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष इस प्रकार हैं:
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वैश्विक वेप उपयोगकर्ता: 10 करोड़ से अधिक लोग ई-सिगरेट का उपयोग कर रहे हैं।
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वयस्क उपयोगकर्ता: इनमें से लगभग 8.6 करोड़ वयस्क हैं, जो अधिकतर उच्च-आय वाले देशों में रहते हैं।
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किशोर उपयोगकर्ता (13–15 वर्ष): लगभग 1.5 करोड़, जो वयस्कों की तुलना में नौ गुना अधिक हैं।
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उद्योग का आक्रामक विपणन किशोरों को आकर्षित कर रहा है, भले ही उच्च-आय वाले देशों में सख्त नियमन लागू हो।
रिपोर्ट बताती है कि विश्वभर में किशोर वेपिंग में तेजी से वृद्धि हुई है, और यह प्रवृत्ति केवल विकसित देशों तक सीमित नहीं है। शहरी क्षेत्रों में डिजिटल मीडिया और सामाजिक नेटवर्क के माध्यम से यह तेजी से फैल रही है।
किशोरों में वेपिंग के स्वास्थ्य जोखिम
WHO ने चेतावनी दी है कि ई-सिगरेट केवल “फैशन आइटम” नहीं हैं। किशोरों के स्वास्थ्य पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं:
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मस्तिष्क विकास पर प्रभाव
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किशोर मस्तिष्क विकास की प्रक्रिया में होते हैं।
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निकोटिन का प्रारंभिक संपर्क ध्यान, स्मृति और भावनात्मक नियंत्रण को प्रभावित कर सकता है।
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लंबे समय तक उपयोग से मस्तिष्क की न्यूरोलॉजिकल संरचना में बदलाव संभव है।
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स्वास्थ्य जोखिम
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फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव।
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लंबे समय तक वेपिंग से अस्थमा, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और अन्य फेफड़ों संबंधी रोगों का खतरा बढ़ता है।
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नशे की लत
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किशोरों में निकोटिन की आदत बढ़ने से पारंपरिक सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की ओर अग्रसर होने की संभावना अधिक।
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प्रारंभिक लत भविष्य में स्वास्थ्य संकट और जीवनशैली संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकती है।
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तंबाकू उद्योग का बदलाव
WHO की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पारंपरिक तंबाकू उत्पादों का उपयोग कम हुआ है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि निकोटिन से लड़ाई जीत गई है।
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वर्ष 2000 में तंबाकू उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 1.38 अरब थी।
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2024 तक यह घटकर 1.2 अरब रह गई।
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हालांकि पारंपरिक धूम्रपान घटा, लेकिन उद्योग अब इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन वितरण प्रणालियों (ENDS) और ई-सिगरेट को बढ़ावा दे रहा है।
इस बदलाव का परिणाम यह हुआ कि निकोटिन लत का केंद्र अब युवा पीढ़ी बन गई है। फ्लेवर्ड उत्पादों, सोशल मीडिया प्रचार और सहकर्मी प्रभाव ने किशोरों को आकर्षित किया।
नीति और नियमन संबंधी चिंताएँ
WHO ने कई देशों में ई-सिगरेट के संदर्भ में नियामक अंतराल पर जोर दिया। कई स्थानों पर अभी तक व्यापक कानून और नियंत्रण नहीं हैं।
मुख्य चिंताएँ और सुझाव इस प्रकार हैं:
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नई लत की लहर
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किशोरों में वेपिंग के बढ़ते रुझान ने नशे की नई पीढ़ी तैयार कर दी है।
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स्वास्थ्य और शिक्षा विशेषज्ञों ने तुरंत रोकथाम अभियान की आवश्यकता जताई।
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हानि-नियंत्रण बनाम लत-वृद्धि
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कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि ई-सिगरेट वयस्क धूम्रपान छोड़ने में मदद कर सकती है।
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WHO ने चेताया कि किशोरों में बढ़ती लत के मुकाबले यह लाभ नगण्य है।
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नियामक सिफारिशें
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नाबालिगों के लिए बिक्री पर रोक।
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फ्लेवर्ड उत्पादों और प्रचार पर कड़ा नियंत्रण।
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जन-जागरूकता और शिक्षा अभियान।
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तंबाकू उत्पादों जैसी कर और पैकेजिंग नियंत्रण।
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वैश्विक प्रवृत्तियाँ और क्षेत्रीय आंकड़े
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यूरोप में तंबाकू प्रचलन (tobacco prevalence) में वैश्विक नेतृत्व।
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किशोर वेपिंग उच्च-आय वाले और शहरी क्षेत्रों में अधिक।
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डिजिटल मीडिया और सोशल नेटवर्क के माध्यम से युवा तेजी से प्रभावित हो रहे हैं।
WHO ने यह भी कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय को किशोरों के लिए सुरक्षित डिजिटल और भौतिक वातावरण सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता है।
स्थिर तथ्य (Static Facts)
| विषय | विवरण |
|---|---|
| रिपोर्ट जारी करने वाला संगठन | WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) |
| जारी तिथि | अक्टूबर 2025 |
| किशोर वेप उपयोगकर्ता (13–15 वर्ष) | 1.5 करोड़ |
| किशोर बनाम वयस्क उपयोग अनुपात | 9 गुना अधिक |
| कुल वैश्विक वेप उपयोगकर्ता | 10 करोड़+ |
| वयस्क उपयोगकर्ता | 8.6 करोड़ |
| तंबाकू उपयोग में गिरावट | 1.38 अरब (2000) → 1.2 अरब (2024) |
निष्कर्ष
WHO की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि ई-सिगरेट के बढ़ते उपयोग ने निकोटिन लत का नया वैश्विक संकट पैदा कर दिया है, जिसमें सबसे अधिक खतरा किशोरों और युवा पीढ़ी को है।
यदि समय रहते रोकथाम और शिक्षा अभियान नहीं चलाए गए, तो यह स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। रिपोर्ट एक स्पष्ट संदेश देती है: वेपिंग को केवल व्यक्तिगत विकल्प के रूप में नहीं देखा जा सकता; इसे वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में स्वीकार कर तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
संगठन ने सरकारों, स्कूलों और अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे:
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किशोरों के लिए बिक्री और प्रचार पर नियंत्रण।
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जन-जागरूकता अभियान।
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नशे की रोकथाम और उपचार के लिए समर्पित कार्यक्रम।
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डिजिटल और शहरी माध्यमों में सुरक्षित परिवेश सुनिश्चित करें।
WHO की चेतावनी के अनुसार, निकोटिन की नई महामारी का मुकाबला केवल प्रतिबंध या कानून से नहीं, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और स्वास्थ्य-संरक्षण उपायों से ही संभव है।

