वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग 2025 जारी कर दी गई है, जो यह दर्शाती है कि विभिन्न देशों के नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा में कितनी स्वतंत्रता प्राप्त है। आर्टन कैपिटल (Arton Capital) द्वारा प्रकाशित Passport Index 2025 के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बार फिर दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट के रूप में अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा है।
यह रैंकिंग एक महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है, क्योंकि यह किसी देश की वैश्विक कूटनीतिक पहुँच, अंतरराष्ट्रीय भरोसे और नागरिकों की यात्रा स्वतंत्रता को दर्शाती है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पारंपरिक रूप से मजबूत माने जाने वाले देशों—जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और यूनाइटेड किंगडम (UK)—की रैंकिंग में गिरावट आई है, जबकि भारत 67वें स्थान पर बना हुआ है।
पासपोर्ट इंडेक्स क्या है?
Passport Index को आर्टन कैपिटल द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह सूचकांक देशों के पासपोर्ट को उनके Mobility Score के आधार पर रैंक करता है।
Mobility Score यह दर्शाता है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक कितने देशों में निम्न सुविधाओं के साथ प्रवेश कर सकता है—
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वीज़ा-फ्री (Visa-Free)
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वीज़ा-ऑन-अराइवल (Visa-on-Arrival)
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इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA)
Mobility Score जितना अधिक, पासपोर्ट उतना ही शक्तिशाली माना जाता है।
यह रैंकिंग केवल पर्यटन तक सीमित नहीं होती, बल्कि व्यापार, शिक्षा, रोजगार और कूटनीतिक संबंधों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।
2025 में दुनिया के टॉप-10 सबसे मजबूत पासपोर्ट
| रैंक | देश |
|---|---|
| 1 | संयुक्त अरब अमीरात (UAE) |
| 2 | सिंगापुर, स्पेन |
| 3 | बेल्जियम, फ्रांस, स्वीडन, जर्मनी, नीदरलैंड, फिनलैंड, लक्ज़मबर्ग, इटली, डेनमार्क, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, ग्रीस, ऑस्ट्रिया, मलेशिया, नॉर्वे, आयरलैंड, दक्षिण कोरिया, जापान |
| 4 | पोलैंड, स्लोवेनिया, क्रोएशिया, स्लोवाकिया, हंगरी, एस्टोनिया |
| 5 | माल्टा, रोमानिया, चेक गणराज्य, बुल्गारिया, लातविया, न्यूज़ीलैंड |
| 6 | लिथुआनिया, लिकटेंस्टाइन, ऑस्ट्रेलिया |
| 7 | साइप्रस, आइसलैंड |
| 8 | यूनाइटेड किंगडम, कनाडा |
| 9 | संयुक्त राज्य अमेरिका |
| 10 | मोनाको |
यह सूची स्पष्ट रूप से दिखाती है कि यूरोप और एशिया के देशों का वैश्विक मोबिलिटी नेटवर्क अब भी बेहद मजबूत है।
भारत की स्थिति: 67वाँ स्थान
भारत 2025 की वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग में 67वें स्थान पर है।
यह स्थिति दर्शाती है कि भारतीय पासपोर्ट धारकों को विकसित और कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल एक्सेस प्राप्त है।
इसका प्रभाव कहाँ पड़ता है?
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टूरिज़्म: यात्रा की लागत और प्रक्रिया अधिक जटिल
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बिज़नेस ट्रैवल: त्वरित अंतरराष्ट्रीय व्यापार यात्राओं में बाधा
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शिक्षा: छात्रों को वीज़ा प्रक्रिया में अधिक समय और खर्च
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ग्लोबल वर्कफोर्स मोबिलिटी: अंतरराष्ट्रीय नौकरियों में सीमित लचीलापन
हालाँकि भारत की स्थिति स्थिर है, लेकिन तेज़ी से वैश्विक बनती दुनिया में यह रैंकिंग नीतिगत सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
UAE क्यों बना दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट?
UAE की शीर्ष रैंकिंग किसी एक कारण का परिणाम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक रणनीति का नतीजा है।
प्रमुख कारण
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मज़बूत डिप्लोमैटिक नेटवर्क और व्यापक वीज़ा-माफी समझौते
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एशिया, यूरोप और अफ्रीका के साथ रणनीतिक वैश्विक साझेदारियाँ
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Mobility Diplomacy पर केंद्रित सक्रिय विदेश नीति
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व्यापार, निवेश और नागरिक मोबिलिटी को प्राथमिकता
2025 में UAE का Mobility Score 179 रहा, जो इसे वैश्विक स्तर पर सबसे आगे रखता है।
पारंपरिक पावरहाउस की गिरावट
2025 की रैंकिंग का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि—
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यूनाइटेड किंगडम और कनाडा अब 8वें स्थान पर हैं
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संयुक्त राज्य अमेरिका 9वें स्थान पर खिसक गया है और हाल के वर्षों में टॉप-5 से काफी नीचे आ चुका है
इसके पीछे कारण
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कड़ी इमिग्रेशन और वीज़ा नीतियाँ
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बदलते भू-राजनीतिक समीकरण
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अन्य देशों द्वारा आपसी वीज़ा समझौतों का विस्तार
विशेषज्ञ मानते हैं कि अब पासपोर्ट की ताकत केवल आर्थिक शक्ति पर नहीं, बल्कि कूटनीतिक लचीलेपन और वैश्विक भरोसे पर निर्भर करती है।
पासपोर्ट की ताकत क्यों मायने रखती है?
पासपोर्ट की शक्ति सिर्फ यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं है। यह—
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किसी देश की वैश्विक छवि और भरोसे को दर्शाती है
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यात्रा लागत और समय को कम करती है
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व्यापार, निवेश और टूरिज़्म को बढ़ावा देती है
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शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आसान बनाती है
भारत जैसे देशों के लिए, पासपोर्ट रैंकिंग में सुधार तेज़ी से ग्लोबलाइज़्ड दुनिया में आर्थिक और मानवीय संबंधों को मजबूत कर सकता है।
मुख्य तथ्य (Quick Recap)
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सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट 2025: संयुक्त अरब अमीरात
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Mobility Score (UAE): 179
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रैंकिंग जारी करने वाली संस्था: Passport Index – Arton Capital
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भारत की रैंक: 67
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दूसरा स्थान: सिंगापुर और स्पेन
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USA और UK: रैंकिंग में गिरावट

