राष्ट्रपति भवन में ‘पर्पल फेस्ट’: दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों का प्रेरक उत्सव
राष्ट्रपति भवन में ‘पर्पल फेस्ट’: दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों का प्रेरक उत्सव

राष्ट्रपति भवन में ‘पर्पल फेस्ट’: दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों का प्रेरक उत्सव

13 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित Rashtrapati Bhavan में Purple Fest का विशेष आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों (Persons with Disabilities) की प्रतिभा, उपलब्धियों और सपनों का सम्मान करना तथा समाज में समावेशन, सम्मान और जागरूकता को बढ़ावा देना था।

यह उत्सव सामाजिक न्याय और अधिकारिता से जुड़े प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस कार्यक्रम में देशभर से आए हजारों दिव्यांगजन और उनके सहयोगियों ने भाग लिया और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा और उत्साह का प्रदर्शन किया।


हजारों दिव्यांगजनों ने किया अमृत उद्यान का भ्रमण

इस विशेष कार्यक्रम के दौरान 8,000 से अधिक दिव्यांगजनों ने राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित प्रसिद्ध Amrit Udyan का भ्रमण किया। इस सुंदर उद्यान को उस दिन विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए खोला गया था, ताकि वे प्रकृति के इस अद्भुत वातावरण का आनंद ले सकें।

पूरे दिन प्रतिभागियों के लिए कई प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें मनोरंजन, सीखने और सामाजिक संवाद के अवसर शामिल थे।

आयोजित गतिविधियाँ

  • मनोरंजक और इंटरैक्टिव खेल

  • सीखने से जुड़े सत्र और जागरूकता कार्यक्रम

  • दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाले संगठनों की प्रदर्शनियाँ

  • सामाजिक संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ

इसके अलावा, दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाले कई संगठनों ने सूचना, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए विशेष स्टॉल भी लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से प्रतिभागियों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी दी गई।


शाम को आयोजित हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शाम के समय आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ थीं। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने राष्ट्रपति भवन परिसर के ओपन एयर थिएटर में आयोजित इस उत्सव में भाग लिया।

उन्होंने दिव्यांग कलाकारों द्वारा प्रस्तुत संगीत, नृत्य और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों का आनंद लिया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बेहद प्रभावित किया और यह दिखाया कि प्रतिभा किसी भी शारीरिक या मानसिक सीमा से बंधी नहीं होती।

इन प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों का आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसकी उपस्थित लोगों ने भरपूर सराहना की।


समावेशन और समानता पर राष्ट्रपति का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समाज में समावेशन और समान अवसरों के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसी भी देश का वास्तविक मूल्यांकन केवल उसके विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की प्रगति से नहीं किया जाता, बल्कि यह इस बात से तय होता है कि वह अपने वंचित और कमजोर वर्गों का कितना समर्थन और संरक्षण करता है।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति सदियों से निम्नलिखित मूल्यों को महत्व देती रही है:

  • संवेदनशीलता और करुणा

  • समाज में समावेशन

  • लोगों के बीच सामंजस्य

उन्होंने यह भी बताया कि भारत का संविधान हर नागरिक, विशेष रूप से दिव्यांगजनों, को सामाजिक न्याय, समानता और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है।


दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण का महत्व

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण एक समावेशी और मजबूत समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति, संस्था और संगठन की भागीदारी जरूरी है।

यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर काम करें, तो दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में समान अवसर प्रदान किए जा सकते हैं।


विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में दिव्यांगजनों की भूमिका

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में विकसित भारत 2047” के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। इस दृष्टि के तहत भारत वर्ष 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा में दिव्यांगजन भी समान भागीदार हैं। इसलिए यह जरूरी है कि समाज उन्हें आगे बढ़ने, सफलता प्राप्त करने और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए समान अवसर प्रदान करे।


आत्मविश्वास और प्रेरणा का संदेश

राष्ट्रपति ने दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता केवल उनके जीवन में सफलता लाएगी, बल्कि देश के अन्य नागरिकों को भी प्रेरित करेगी।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार और समाज दोनों दिव्यांगजनों के विकास और प्रगति में सहयोग करते रहेंगे।


पर्पल फेस्ट का उद्देश्य

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस Purple Fest का उद्देश्य दिव्यांगताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना और समाज में समावेशी सोच को मजबूत करना है।

इस उत्सव के प्रमुख उद्देश्य

  • दिव्यांगताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना

  • स्वीकार्यता और सम्मान को प्रोत्साहित करना

  • समान अवसरों को बढ़ावा देना

  • एक समावेशी समाज का निर्माण करना

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